परिवर्तन प्रकृति का नियम है। समय के साथ हर चीज बदलती है। सिनेमा की दुनिया भी इससे अछूती नहीं है। फिल्म मेकिंग से लेकर एक्टिंग, कहानी और किरदार, हर चीज बदली है। साथ ही बदला है सिनेमा देखने का तरीका भी। एक जमाना था, जब सिनेमा देखना एक लग्जरी थी। महिलाओं की पहुंच से तो यह कोसों दूर था, लेकिन पुरुषों के लिए भी यह सुलभ नहीं था। लोगों के पास समय था, लेकिन सिनेमा देखने का चलन तब भी काफी कम था। लोग दूसरों की जुबानी सिनेमा देख लिया करते थे। गांव-देहात में या शहरों में भी आस-पड़ोस का कोई शौकीन व्यक्ति सिनेमा देखकर आता था तो बाकी लोग उसे घेरकर सिर्फ स्टोरी सुना करते। थिएटर जाना काल्पनिक था। मगर, वक्त के साथ मल्टीप्लेक्स ने लोगों को फिल्में देखना सिखाया। और...अब ओटीटी के जमाने में सिनेमा बस एक क्लिक की दूरी पर है। आइए चलते हैं समय के साथ सिनेमा में आए बदलाव के सफर पर...