फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्टर इरफान को हुई बीमारी आखिर है क्या,सामने आए लक्षण, यह है इसका सफल इलाज

Sat, 17 Mar 2018 05:29 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
इरफान खान
बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकार इरफान पठान इस वक्त बड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके लिए इलाज के लिए उन्होंने देर-सवेर विदेश जाने का फैसला लिया है। उनको न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर बताया जा रहा है जो कि दस लाख में से एक को यह बीमारी होती है...आइए जानते हैं आखिर क्या है यह बीमारी..
विज्ञापन

यह होता है एंडोक्राइन सिस्टम

2 of 7
इरफान खान बोले उड़ता पंजाब मामले पर - फोटो : ANI
हार्मोन्स को पैदा करने वाला शरीर का एंडोक्राइन सिस्टम अंत:स्त्रावी बॉडी सेल्स से बना होता है। यह हार्मोन्स और कुछ नहीं कैमिकल तत्व होते हैं जो रक्तवाहिनियों के जरिए प्रवाह करते हैं और शरीर के अन्य अंगों को कार्य करने में मदद करते हैं।
विज्ञापन

ट्यूमर क्या होता है?

3 of 7
irrfan khan with wife
बता दें कि ट्यूमर शरीर में उस भाग को कहा जाता है जो आउट ऑफ कंट्रोल कर एकाएक बढ़ने लगता है। वहीं, धीरे-धीरे यह मांस के लोथड़े जैसा होने लगता है। लेकिन हर ट्यूमर खतरनाक नहीं होता है। इसके कैंसर बनने के बहुत कम चांस होते हैं। लेकिन  कैंसर युक्त ट्यूमर घातक साबित होता है और अगर इसका शुरुआती चरण में पता न चले तो यह तेजी से बढ़कर शरीर के अन्य अंगों में भी फैल जाता है। जबकि ऐसा ट्यूमर जिसमें कैंसर नहीं है वह बढ़ता तो है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलता और इसे बिना किसी नुकसान के आसानी से हटाया भी जा सकता है।

क्या होता है न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर ?

4 of 7
irrfan khan madari
शरीर में जिस जगह हार्मोन्स बनते और रिलीज होते हैं वहां इस तरह का ट्यूमर अपनी जगह बना लेता है। क्योंकि ट्यूमर भी हार्माेन्स बना सकता है इसलिए यह हार्मोन्स वाली जगह फैलते हैं और इसी कारण यह बहुत ही घातक बीमारी को जन्म देता है। दरअसल, जिन सेल्स में यह ट्यूमर पैदा होता है वह हार्मोन्स बनाने वाले एंडोक्राइन सेल्स और नर्व सेल्स का कॉम्बीनेशन होते हैं। इरफान खान ने अपने ट्वीट में ठीक ही लिखा है कि न्यूरो का मतलब सिर्फ दिमागी नसों से नहीं है। न्यूरोक्राइन सेल्स पूरे शरीर में पाए जाते हैं, जैसे- फेफड़ों में, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट जिसमें पेट और आंत भी आते हैं। न्यूरोएंडोक्राइन सेल्स हमारे शरीर में कई तरह के काम करते हैं, जैसे शरीर में हवा और खून के बहाव को फेफड़ों के जरिए बनाए रखना आदि।
विज्ञापन

ये हैं न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण

5 of 7
इरफान खान
न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के साथ इस तरह के लक्षण देखे जाते हैं...

फियोक्रोमोसाइटोमा - घबराहट, बुखार, सिरदर्द, पसीना आना, जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर, उल्टी, चिपचिपी त्वचा, पल्स का तेज चलना और दिल में घबराहट जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

मेर्केल सेल कैंसर - त्वचा पर दर्द रहित, चमकदार, पक्की गांठ बन सकती हैं, जो लाल, गुलाबी या नीले रंग की हो सकती है।
विज्ञापन

यह है इसका कारगार इलाज...

6 of 7
पाकिस्तानी एक्ट्रेस सबा कमर के साथ इरफान खान
इस तरह की स्पेशल बीमारी के लिए सीनियर डॉक्टर्स आपसी विचार-विमर्श कर इलाज का खाका तैयार करते हैं। शुरू से अंत तक इसमें कई ट्रीटमेंट होते हैं जिसके लिए वे पहले से ही पूरा ट्रीटमेंट प्लान बनाते हैं जिसे मल्टीडिसिप्लिनरी टीम कहा जाता है। इस कैंसर केयर टीम में कई अन्य हैल्थ केयर प्रोफेशनल्स को भी शामिल किया जाता है, जिसमें फिजिशियन, ऑन्कोलॉजी नर्स, समाजिक कार्यकर्ता, फार्मासिस्ट, सलाहकार, आहार विशेषज्ञ व अन्य शामिल होते हैं। किसी भी तरह के इलाज से पहले ट्यूमर को इन चार बिंदुओं पर परखा जाता है-
विज्ञापन
विज्ञापन

इस उम्र के लोग होते हैं इस बीमारी का शिकार

7 of 7
'हिंदी मीडियम' के पोस्टर में इरफान खान और पाकिस्तनी एक्ट्रेस सबा कमर
यह बीमारी कब किसे हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन यह बीमारी 40 से 60 साल के वर्ग के लोगों में देखी जाती है। क्योंकि इस उम्र के लोगों में आम तौर पर फियोक्रोमोसाइटोमा न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। वहीं, 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में मेर्केल सेल कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।  बता दें कि पुरुष ही इस बीमारी से ज्यादातर पीड़ित होते हैं। क्यों कि महिलाओं की तुलना में फियोक्रोमोसाइटोमा होने का खतरा पुरुषों में ज्यादा होता है। यही 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें