शकुंतला देवी
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उन्होंने अपने इस हुनर का प्रदर्शन दुनियाभर के कॉलेज, थिएटर, रेडियो और टेलीविजन शो पर भी किया। अमेरिका में 1977 में शकुंतला ने कंप्यूटर से मुकाबला किया। 188132517 का घनमूल बताकर शकुंतला देवी ने जीत हासिल की। 1980 में उन्होंने लंदन के इंपीरियल कॉलेज में 13 अंकों वाली दो संख्या चुनी गई। वो नंबर थे 7,686,369,774,870 और 2,465,099,745,779। इसका गुणनफल निकालना था। शकुंतला देवी ने इसका जवाब तुरत-फुरत बता दिया। इसी तरह लंबी-लंबी गणनाओं से सबको हैरान कर देने वाली शकुंलता पर 1988 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान के प्रोफेसर आर्थर जेंसन ने अध्ययन किया। जेंसन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उनके नोटबुक पर उत्तर लिखने से पहले ही शकुंतला जवाब दे देती थीं। ऐसा ही एक अनुभव उन्होंने बीबीसी के साथ साझा करते हुए कहा कि एक पत्रकार ने मुझे अंक दिए और कहा कि इसका गुणनफल बताइए। मैंने जवाब दिया तो रिपोर्टर ने कहा कि ये गलत है, मैंने मशीन से कैल्कुलेशन की है इसके बाद हम उसी दफ्तर के अकाउंट विभाग में गए और मैं सही साबित हुई।