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वहीं, वी मुथुलक्ष्मी के वकील का कहना है कि फिल्म का रिलीज होना आर्टिकल 21 के खिलाफ है। कोर्ट में दिए गए अपने हलफनामें में मुथुलक्ष्मी ने कहा 'मेरे पति को मरे हुए 16 साल हो गए हैं। आखिरी बार जब मैंने चेन्नई सिविल कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंची, तो अदालत ने मेरी निजता का सम्मान किए जाने की बात कही थी। लेकिन पिछली बार मूवी पूरी बन चुकी थी, तो उन्होंने मुझे 25 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए थे। अब फिर से वे एक और फिल्म बना रहे हैं और उसके चित्रण से मेरे परिवार को प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।'