अपनी पहली फिल्म की रिलीज से पहले ही शिवालिका ओबेरॉय को विद्युत जामवाल के अपोजिट दूसरी फिल्म मिल गई। जमीन पर अपने पाँव मजबूती से जमा चुकीं शिवालिका कैमरे के सामने खुद को साबित करने की हर संभव कोशिश करती हैं। वह बताती है कि लगभग हर फिल्म से पहले वह एक छात्र की तरह अपने किरदार की गहनता से तैयारी करती हैं, नोट्स बनाती हैं और अपने आस-पास के एक्टर्स से वह सब कुछ ग्रहण करती हैं जो वह कर सकती हैं।