कंगना रणौत
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एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, "पहले दिन कंगना ने मुंबई की तुलना पीओके से की और फिर राम कदम ने उनका समर्थन किया। बीजेपी को समझ आ गया था कि ट्विटर ट्रेंड पार्टी के खिलाफ जा रहा है, ऐसे में तत्काल आशीष शेलार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर स्थिति स्पष्ट की। लेकिन, अब शिवसेना इस मसले को भुनाना चाहती है।"
अन्य राजनीतिक पार्टियों और विश्लेषकों को भी लगता है कि यह मसला बीजेपी की महाराष्ट्र विरोधी छवि बनाने के लिए गढ़ा जा रहा है।
एक अन्य पत्रकार कहते हैं, "कंगना की टिप्पणी के बाद शिवसेना कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शिवसेना कल तक चुप थी, लेकिन जैसे ही चीजें कंगना के खिलाफ गईं शिवसेना ने आगे आकर प्रतिक्रिया दी। इससे शिवसेना को राजनीतिक रूप से फायदा हो रहा है।"
एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार भी इस राय से सहमति जताते हैं, "कोरोना का संकट राज्य में गहरा रहा है। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे आलोचना का शिकार हो सकते हैं। लेकिन, ऐसी स्थिति में कंगना के विवाद से शिवसेना को मुद्दे से ध्यान भटकाने में मदद मिल रही है।"