फिल्म समीक्षा की कटिंग
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
‘आ पहुंचा एक नया स्टार’
14 जनवरी 2000 को रिलीज हुई फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ की मेरी समीक्षा रविवार 16 जनवरी के ‘अमर उजाला’ के सभी संस्करणों में छपी गई, ‘आ पहुंचा एक नया स्टार’। दिल्ली यूपी फिल्म वितरण क्षेत्र का मुख्यालय रहे भगीरथ पैलेस मार्केट से इतने फोन मुझे पहले किसी फिल्म समीक्षा के नहीं, आए जितने सोमवार को दिन भर आए। ‘कहो ना प्यार है’ की कहानी कोई बहुत अनोखी नहीं थी। लेकिन फिल्म का हीरो अनोखा था। एक जैसी शक्लों वाले दो लड़के एक ही लड़की के जीवन में अलग अलग मौकों पर आते हैं। इंसान को जीवन में प्यार कई बार होता है, लेकिन एक समय में वह एक से ही होता है। कहानी की नायिका सोनिया की कहानी भी यही थी। राज और रोहित दोनों से उसे प्यार होता है, लेकिन अलग अलग वजहों से, अलग अलग मौकों पर।