कबीर बेदी और परवीन बाबी
कबीर ने लिखा है कि 'प्रतिमा को परवीन के बारे में बताना आसान नहीं था। उन्होंने एक दिन अपनी पत्नी से कहा कि वह आज रात परवीन के पास जा रहे हैं। प्रतिमा थोड़ी हैरान होकर बोलीं, 'परवीन' लेकिन मैं अभी आई हूं क्या तुम आज रात नहीं रुक सकते? कबीर लिखते हैं, मैंने गर्दन हिलाकर कहा, नहीं, मुझे आज रात उसके साथ रहना है और हर रात।'