kabir bedi
कबीर ने बताया कि, 'पढ़ाई के दौरान ही सिद्धार्थ डिप्रेशन में चला गया था। उसका डिप्रेशन बढ़ता ही जा रहा था और उसे सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी हो गई थी। मैंने उसका इलाज करवाया लेकिन दवाइयां उसे ठीक नहीं कर पाईं। मेरा ये ही प्रयास रहता कि मैं अपने बेटे के हर दिन को पॉजिटिव बना सकूं, लेकिन उसकी बीमारी बढ़ती ही जा रही थी। वो खुद अपनी बीमारी के बारे में सर्च करता रहता था'।