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जॉन अब्राहम की 'परमाणु' इस दिन होगी रिलीज, 20 साल पहले दुनिया को चकमा देकर ऐसे हुआ था परीक्षण

Fri, 11 May 2018 05:57 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Parmanu
एक्टर जॉन अब्राहम की लंबे समय से अटकी पड़ी फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। प्रोडक्शन कंपनी क्रिअर्ज के साथ आपसी विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जॉन अब्राहम के पक्ष में फैसला सुनाया जिसके बाद अब यह फिल्म 25 मई को रिलीज होगी। यह फिल्म पोखरण में परमाणु परीक्षण पर आधारित है।
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pokhran atomic test
आज ही के दिन यानि 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में भारत ने पूरी दुनिया को चौंकाते हुए यह परीक्षण किया था। भारत ने इन परमाणु परीक्षण को करने में इतनी गोपनीयता बरती थी कि दुनिया को इसकी खबर तक नहीं लगी।परमाणु परीक्षण के वक्त तब की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के इस कदम से अमेरिका सहित पूरी दुनिया आश्चर्यचकित हो गई थी। इस ऑपरेशन को तब के प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के प्रमुख डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने अंजाम तक पहुंचाया था, जो बाद में देश के राष्ट्रपति बने।
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फिल्म के सैट पर आंधी तूफान के बाद ये हुए हाल - फोटो : amar ujala
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA भारत पर नजर रखे हुए थी और उसने पोखरण पर निगरानी रखने के लिए 4 सैटलाइट लगाए थे। इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़े वैज्ञानिक कुछ इस कदर सतर्कता बरत रहे थे कि वह एक दूसरे से भी कोड भाषा में बात करते थे। परमाणु परीक्षण के दिन सभी को आर्मी की वर्दी में परीक्षण स्थल पर ले जाया गया था जिससे यह लगे कि सेना के जवान ड्यूटी दे रहे हैं। अब्दुल कलाम भी सेना की वर्दी में वहां मौजूद थे। बाद में इसकी तस्वीरें भी सामने आई थीं जिसमें पूरी टीम सेना की वर्दी में दिखाई पड़ी। 

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आंधी से उखड़ा सैट - फोटो : amar ujala
डॉ. कलाम को कर्नल पृथ्वीराज का छद्म नाम दिया गया था और वह कभी ग्रुप में टेस्ट साइट पर नहीं जाते थे। वह अकेले जाते जिससे किसी को भी उन पर शक न हो। 10 मई की रात को योजना को अंतिम रूप देते हुए ऑपरेशन को 'ऑपरेशन शक्ति' नाम दिया गया। 
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पोखरण विस्फोट
वैज्ञानिकों ने इस मिशन को पूरा करने के लिए रेगिस्तान में बड़े कुएं खोदे और इनमें परमाणु बम रखे गए। कुओं पर बालू के पहाड़ बनाए गए जिन पर मोटे-मोटे तार निकले हुए थे। धमाके से आसमान में धुएं का गुबार उठा और विस्फोट की जगह पर एक बड़ा गड्ढा बन गया था। इससे कुछ दूरी पर खड़ा 20 वैज्ञानिकों का समूह पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए था। परीक्षण के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐलान किया, 'आज, 15.45 बजे भारत ने पोखरण रेंज में अंडरग्राउड न्यूक्लियर टेस्ट किया'। वह खुद धमाके वाली जगह पर गए थे। वहीं कलाम ने टेस्ट के सफल होने की घोषणा की थी। 
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