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रोमिला थापर सीवी विवाद: जावेद अख्तर ने कसा तंज, बोले- उनकी बीए की डिग्री है या नहीं...

Tue, 03 Sep 2019 12:36 PM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Javed Akhtar and Romila Thapar - फोटो : Social Media
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इतिहासकार और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित रोमिला थापर को भेजे गए पत्र से कैंपस का माहौल गरमा गया है। रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार की ओर से यह पत्र भेजा गया है। इसमें रोमिला को सीवी जमा करने को कहा है। कहा जा रहा है कि प्रशासन जेएनयू में थापर की सेवाओं को जारी रखने के लिए उनके कार्यों का मूल्यांकन करेगा। इस मामले पर जमकर बवाल हो रहा है। इस बीच लेखक जावेद अख्तर ने सरकार पर निशाना साधते हुए इस पर तंज कसा है।
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javed akhtar
जावेद अख्तर ने ट्विटर पर लिखा- 'नाराज होने की जरूरत नहीं है। बेशक वे जानते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सम्मानित इतिहासकार हैं, जिनका सीवी दिल्ली की टेलीफोन डायरेक्टरी से थोड़ा-सा ही छोटा होगा।'
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जावेद अख्तर
उन्होंने आगे लिखा- 'इसके जरिए वे सिर्फ इस बात को पुख्ता करना चाहते हैं कि उनकी बीए की डिग्री है या नहीं क्योंकि यह आजकल अक्सर खो जाती है।'
 

 

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शशि थरूर (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
जावेद अख्तर ने ये ट्वीट कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा जिसमें उन्होंने कहा था, 'जेएनयू ने रोमिला थापर को उनकी प्रोफ़ेसर एमरिटा स्थिति जारी रखने के लिए सीवी प्रस्तुत करने के लिए कहा, यह अपमान से भी बदतर है, यह शिक्षा के मूल्यों और सिद्धांतों और बौद्धिक योग्यता के लिए एक अपराध है। क्या JNU इससे भी नीचे गिर सकता है?'
 

 
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इतिहासकार रोमिला थापर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इतिहासकार रोमिला थापर समेत ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ का दर्जा प्राप्त किसी भी व्यक्ति की सेवा समाप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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