जाह्नवी कपूर
वो आगे लिखती हैं, 'मैंने और खुशी ने तो अपनी मां खोई है लेकिन पापा ने अपनी 'जान' को खोया है। वो उनके लिए एक मां, पत्नी और एक्टर से कहीं ज्यादा थीं। वो इन सभी किरदारों में बेस्ट थीं। वह निराशा, द्वेष और ईर्ष्या को नहीं समझती थीं। ऐसे ही बनो। सभी को प्यार दो और अच्छे बनो। यह उन्हें खुशी देगा।'