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सुपरस्टार अभिनेत्री से राजनेता बनी थीं जयललिता, CBI के छापे में बरामद हुआ था 28 किलो सोना और चांदी

Thu, 05 Dec 2019 01:22 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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जयललिता - फोटो : Twitter
24 फरवरी 1948 को कर्नाटक के ब्राह्मण परिवार में जन्मीं जयललिता की आज तीसरी पुण्यतिथि है। जयललिता तीन साल पहले आज ही के दिन दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गई थीं। साउथ फिल्मों की सुपरस्टार और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने तमिल फिल्मों के अलावा राजनीति के क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवाया। आज उनकी पुण्यतिथि के मौके पर आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ हैरान कर देने वाली बातें...
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13 वर्ष की उम्र में अंग्रेजी फिल्म 'एपीसल' से फिल्मी करियर शुरू करने वाली जयललिता ने फेमस तमिल एक्ट्रेस के रूप में नाम कमाया। जयललिता साउथ के सुपरस्टार एमजीआर को अपना गुरु मानती थीं। उनके साथ जयललिता ने 28 फिल्मों में काम किया। तमिल तेलुगू, कन्नड़ और एक हिंदी फिल्म सहित उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। बतौर एक्ट्रेस 1980 में उन्होंने अपनी अंतिम तमिल फिल्म 'थेड़ी वंधा कादला' में काम किया था।
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जयललिता
एम करुणानिधि की पार्टी द्रमुक से टूटने के बाद एमजीआर ने अन्नाद्रमुक का गठन किया। साल 1983 में एमजीआर ने जयललिता को पार्टी का सचिव नियुक्त किया और राज्यसभा के लिए मनोनित किया। कहा जाता है कि अंग्रेजी में उनकी मजबूती को देखकर एमजीआर उनको राजनीति में लेकर आए थे। 

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जयललिता
एम जी रामचंद्रन के निधन के बाद अन्ना द्रमुक दो हिस्सों में बंट गया। एक हिस्से का नेतृत्व एमजीआर की पत्नी जानकी कर रहीं थी तो दूसरे का जयललिता। उस वक्त तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी एच पांडियन ने जयललिता के गुट के 6 सदस्यों को अयोग्य करार दिया। जानकी रामचंद्रन तमिलनाडु की पहली महिला मुख्यमंत्री बन गईं। राष्ट्रपति शासन के बाद 1989 में हुए विधानसभा के चुनावों में जयललिता के गुट ने 27 सीटें जीत लीं और वे विपक्ष की नेता बन कर लौटी।
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जयललिता
25 मार्च 1989 को तमिलनाडु विधानसभा में बजट पेश किया जा रहा था। इस दौरान द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच तनातनी चल रही थी। ऐसे में जब जयललिता सदन से निकल रही थीं तब डीएमके के एक सदस्य ने उन्हें रोकने की कोशिश की। उस वक्त जयललिता की साड़ी का पल्लू गिर गया और जयललिता भी जमीन पर गिर गईं। उस दिन जयललिता ने कसम खाई कि वो मुख्यमंत्री बनकर ही सदन लौटेंगी और 1991 में पहली बार मुख्यमंत्री बनीं।
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1996 में बतौर मुख्यमंत्री पांच साल पूरा करने के बाद जयललिता चुनाव की तैयारी में थी कि उसी समय उन पर आय से अधिक संपत्ति मामले में 48 केस दर्ज हुए और उन्हें जेल जाना पड़ा। इस मामले में जब CBI ने उनके घर पर छापा मारा तो 10,500 महंगी साड़ियां मिलीं। यही नहीं, इस छापे में कई किलो सोना और डेढ़ किलो रत्नों से जड़ी कमर की पेटी भी जब्त हुई थी। 27 सितंबर 2014 को बेंगलुरु की एक निचली अदालत ने जयलिलता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार साल कैद की सजा सुनाई। 
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मई, 2015 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से बरी कर दिया और वो एक बार फिर मुख्यमंत्री के पद पर लौट आई। बतौर मुख्यमंत्री वेतन में एक रुपया लेने वालीं जयललिता के पास सोना-चांदी, इतनी साड़ियां और जूतियां कैसे पहुंचीं, इस तरह के सभी सवाल और इनके जवाब जयललिता के साथ ही चले गए हैं। जयललिता के निधन के बाद उनपर बायोपिक भी बनाने की तैयारी चल रही है। थलाइवी नाम की फिल्म में कंगना रनौत जयललिता का किरदार निभाती नजर आएंगी।
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