जगजीत सिंह
इसके बाद 1979 में जगजीत का रिकॉर्ड 'कम अलाइव' आया। इसमें कई चीजें नई थीं, मसलन कंसर्ट की लाइव रिकॉर्डिंग, गजल सुनाते-सुनाते जगजीत की सुनने वालों से बातचीत और बीच-बीच में चुटकुले। इस बारे में करतार सिंह ने बताया था, 'एक बार मैंने उनसे पूछा था कि आप गजल के बीच में जोक्स क्यों सुनाते हैं? वो कहने लगे कि ऑडियंस से कनेक्ट करना होता है। सिर्फ गाने से आप कनेक्ट नहीं कर सकते। हैवी गजल सुनाने के बाद लोगों को फिर से पुराने मूड में लाना होता है। ये उन्होंने बहुत जल्दी महसूस कर लिया था कि ऑडियंस को साथ लेकर चलना होता है।'