Irrfan Khan
'मकबूल' के सेट पर तीन बड़े अभिनेता नसीर, ओम और पंकज कपूर अपनी-अपनी अंतर्मुखीयता में लीन थे। इधर इरफान से बात करते हुए लग रहा था कि इस शख्स में किरदार में ढलने की कैसी तड़प है। फिल्म 'पान सिंह तोमर' ने दो दशक पहले बनी शेखर कपूर की फिल्म 'बैण्डिट क्वीन' के असर को प्रतिबिंबित करने का काम किया था। उद्विग्न सतहों पर भले खूब सारे हादसों, खून-खराबे के बाद उस तरह का सन्नाटा स्थापित हो जाए। जिसे व्यवस्था शांति और हम सहमा हुआ मौन समझते हैं, लेकिन जो कहानियां खत्म होती हैं, उनके अवसाद उन जमीनों से कभी नहीं मिटते। चंबल का दस्यु क्षेत्र अब भले उस तरह की घटनाओं के साथ हमें भयभीत या रोमांचित न करता हो, लेकिन सच्चाइयां, घटनाओं के बाद भी जीवित हैं। 'पान सिंह तोमर' को आलोचकों ने ही सबसे पहले निष्पक्ष रूप से सराहा, तभी दर्शक भी फिल्म के पक्ष में हुआ।