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Inspector Avinash 2: संघर्ष, अलग किरदार और दमदार वापसी; क्यों चर्चा में रहती है रणदीप हुड्डा की हर परफॉर्मेंस?

Sat, 16 May 2026 11:31 AM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Randeep Hooda: रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी हालिया रिलीज सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ को लेकर चर्चाओं में हैं। हालांकि, रणदीप ने हमेशा अपने अलग-अलग किरदारों से प्रभावित किया है।
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रणदीप हुड्डा - फोटो : अमर उजाला

ओटीटी पर इन दिनों ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ को लेकर हलचल तेज है। पहले सीजन को ऑडियंस ने जिस तरह पसंद किया था, उसके बाद दूसरे सीजन को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लेकिन इस चर्चा की सबसे बड़ी वजह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि रणदीप हुड्डा भी हैं। रणदीप उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिनकी हर नई रिलीज के साथ यह सवाल जरूर उठता है कि इस बार वह क्या नया लेकर आने वाले हैं?

हिंदी सिनेमा में कई अभिनेता स्टारडम के दम पर पहचान बनाते हैं, लेकिन रणदीप ने हमेशा अपने किरदारों के जरिए जगह बनाई। यही वजह है कि उनकी फिल्में भले बॉक्स ऑफिस पर अलग-अलग परिणाम लेकर आई हों, लेकिन उनके निभाए किरदार चर्चा में रहे।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

'मॉनसून वेडिंग' से शुरुआत, फिर भी रही मौकों की तलाश
रणदीप ने साल 2001 में मीरा नायर की फिल्म 'मॉनसून वेडिंग' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक एनआरआई युवक का किरदार निभाया था। फिल्म को देश और विदेश दोनों जगह तारीफ मिली, लेकिन उनके लिए यह फिल्म तुरंत बड़े मौके नहीं लेकर आई।

पहली फिल्म के बाद उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। करीब चार साल तक कोई बड़ा प्रोजेक्ट हाथ नहीं लगा। उस दौरान उन्होंने थिएटर किया, विज्ञापनों में काम किया और अभिनय सीखने पर ध्यान दिया। इसी दौरान उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में नसीरुद्दीन शाह की वर्कशॉप भी अटेंड की थी।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

'डी' से मिली पहचान, लेकिन आसान नहीं रहा सफर
साल 2005 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'डी' में रणदीप को मुख्य भूमिका मिली। गैंगस्टर ड्रामा पर बनी इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को नोटिस किया गया। लेकिन इसके बाद भी उनका करियर सीधी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ा। 'डरना जरूरी है', 'रिस्क', 'रू बा रू' और 'लव खिचड़ी' जैसी फिल्मों में वह नजर आए, मगर ये फिल्में ज्यादा चर्चा नहीं बटोर सकीं। हालांकि, इस दौरान भी उन्होंने अलग तरह के किरदार करने से दूरी नहीं बनाई।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

‘वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ ने बदल दिया करियर
साल 2010 उनके करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हुआ। मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' में उन्होंने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया। फिल्म में अजय देवगन, इमरान हाशमी और कंगना रनौत जैसे बड़े नाम मौजूद थे, लेकिन रणदीप ने भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। यहीं से ऑडियंस ने उन्हें सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि दमदार कलाकार के तौर पर देखना शुरू किया। इंडस्ट्री में भी उन्हें एक भरोसेमंद एक्टर की तरह देखा जाने लगा।

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साहिब बीवी और गैंगस्टर - फोटो : एक्स

‘साहिब बीवी और गैंगस्टर’ में दिखा अलग अंदाज
इसके बाद 'साहिब बीवी और गैंगस्टर' में उनका अंदाज काफी अलग नजर आया। बिना ज्यादा शोर-शराबे के भी उन्होंने अपने किरदार से असर छोड़ा। यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है। रणदीप अक्सर किरदार को ज्यादा फिल्मी बनाने के बजाय उसे सहज और रियल रखने की कोशिश करते हैं।

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हाईवे फिल्म - फोटो : इंस्टाग्राम

‘हाईवे’ ने पूरी तरह बदल दी छवि
अगर उनके करियर की सबसे अहम फिल्मों की बात होगी, तो 'हाईवे' का नाम जरूर लिया जाएगा। इम्तियाज अली की इस फिल्म में उन्होंने महाबीर भाटी का किरदार निभाया था। कम बोलने वाला, गुस्से और दर्द से भरा यह किरदार ऑडियंस के बीच काफी चर्चा में रहा। कई लोगों के लिए 'हाईवे' आज भी उनके करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल है।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

बायोपिक और असली किरदारों में अलग पहचान
'सरबजीत' में रणदीप ने फिर दिखाया कि वह किरदार के लिए कितनी मेहनत करते हैं। पाकिस्तान की जेल में बंद सरबजीत सिंह की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने अपने शरीर में बड़ा बदलाव किया था। फिल्म में उनका कमजोर शरीर, थका चेहरा और टूटा हुआ कॉन्फिडेंस काफी असली लगा। यही वजह रही कि फिल्म के साथ-साथ उनके एक्टिंग की भी खूब चर्चा हुई।

रणदीप उन कलाकारों में हैं जो सच्ची घटनाओं और असली किरदारों वाली फिल्मों में अलग नजर आते हैं। 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' में सावरकर की भूमिका या फिर 'मेन और चार्ल्स' में चार्ल्स शोभराज से प्रेरित किरदार, हर फिल्म में उन्होंने खुद को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की। यही कारण है कि उनके निभाए किरदार लंबे समय तक लोगों को याद रहते हैं।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

‘लाल रंग’ और ‘जन्नत 2’ में दिखे अलग तरह के किरदार
रणदीप ने खुद को कभी एक तरह के किरदारों तक सीमित नहीं रखा। 'लाल रंग' में उनका हरियाणवी अंदाज ऑडियंस को काफी पसंद आया। फिल्म धीरे-धीरे कल्ट फिल्मों की सूची में शामिल होने लगी। वहीं 'जन्नत 2' में उन्होंने सख्त पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया। इमरान हाशमी के साथ उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को ऑडियंस ने पसंद किया था।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

हॉलीवुड तक पहुंचा सफर
रणदीप ने इंटरनेशनल फिल्मों में भी काम किया है। 'एक्सट्रेक्शन' में उनकी भूमिका छोटी जरूर थी, लेकिन उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फिल्म के बाद उनका नाम कई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ा जाने लगा।

क्या रणदीप को उतने मौके मिले?
उन्हें लेकर अक्सर यह चर्चा होती रही है कि उन्होंने अपने हिस्से का काम हमेशा पूरी ईमानदारी से किया। लेकिन उन्हें लगातार वैसे बड़े मौके नहीं मिले जिनमें उनकी एक्टिंग पूरी तरह खुलकर सामने आ सके। फिर भी, उन्होंने हर फिल्म में अपनी अलग छाप छोड़ी। यही वजह है कि आज भी उनके नए प्रोजेक्ट्स को लेकर ऑडियंस में दिलचस्पी बनी रहती है।

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रणदीप हुड्डा - फोटो : सोशल मीडिया

अब ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ से उम्मीदें
अब रणदीप एक बार फिर इंस्पेक्टर अविनाश 2 को लेकर चर्चा में हैं। पहले सीजन में उनका अविनाश मिश्रा वाला किरदार ऑडियंस को इसलिए पसंद आया क्योंकि उसमें जरूरत से ज्यादा हीरोइज्म नहीं था।

दूसरे सीजन में कहानी और किरदार दोनों को पहले के मुकाबले ज्यादा विस्तार दिया गया है। ऐसे में ऑडियंस को एक बार फिर रणदीप का वही गंभीर अंदाज देखने को मिला है, जिसके लिए वह लंबे समय से पसंद किए जाते रहे हैं।

बड़े पर्दे पर और देखने की चाह
रणदीप को लेकर लंबे समय से यह बात कही जाती रही है कि उन्हें बड़े पर्दे पर और ज्यादा देखा जाना चाहिए। चाहे जॉन सीना के साथ संभावित इंटरनेशनल प्रोजेक्ट 'मैचबॉक्स: द मूवी' की चर्चा हो या श्रद्धा कपूर के साथ 'ईथा' जैसी फिल्मों की बातें, ऑडियंस के बीच उनके नाम को लेकर एक्ससाइटमेंट बनी रहती है।

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