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Inside Story: प्यार के लिए 'सपना दीदी' का टारगेट था 'किलिंग दाऊद', बॉयोपिक में दीपिका करेंगी काम!

Mon, 04 Sep 2017 06:00 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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बॉयोपिक में दीपिका करेंगी काम
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के नाम से लोग कांपते है, पर कोई अगर उसे मारने की कसम खा ले और उसके खात्मे को ही अपने जीवन का इकलौता टारगेट बना ले तो? वो अभी एक महिला होकर? ऐसी महिला को वाकई बेहद बहादुर ही कहा जाएगा। ऐसी ही एक महिला मुंबई में रही, जो अंडरवर्ल्ड की दुनिया में 'सपना दीदी' के नाम से जानी गई। अब उनकी लाइफ पर फिल्म बन रही है, जिसे दीपिका पादुकोण उनका किरदार निभाएंगी रही हैं। इससे पहले, दाऊद की बहन हसीना पारकर की बॉयोपिक पर फिल्म बन चुकी है। श्रद्धा कपूर फिल्म 'हसीना' में लीड रोल में हैं, जो जल्द ही रिलीज होने वाली है। बहरहाल, हम बात कर रहे हैं 'सपना दीदी' की, जिसमें इरफान खान उनके पति की भूमिका में हैं। आगे की स्लाइड्स में जानें, 'सपना दीदी' की इनसाइड स्टोरी...
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दीपिका पादुकोण अब 'सपना दीदी' नाम की फिल्म कर रही हैं। ये फिल्म 'अशरफ खान' की जिंदगी पर बेस्ड है, जिन्होंने अपने पति की हत्या के बाद दाऊद के खात्मे को अपना लक्ष्य बना लिया। अशरफ खान ही 'सपना' का असली नाम था। पर बाद में उन्होंने खुद को 'सपना' नाम से ही सबके सामने रखा। खासकर अरुण गवली के सामने। इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है।

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माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई पुस्तक लांचिंग, फाइल फोटो
मुंबई के इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट एस हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई' में अशरफ खाने के बारे में विस्तार से जिक्र है। इसमें उन्होंने अशरफ खान उर्फ 'सपना दीदी' से मुलाकात की बाते लिखी हैं, साथ ही ये भी बताया है कि वो क्यों दाऊद की दुश्मन नंबर वन बन गई। और किस तरह से काम करके दाऊद को खूब नुकसान पहुंचाया। आगे की स्लाइड में जानें...'अशरफ खान' की असली कहानी और उनके 'सपना दीदी' बनने की इनसाइड स्टोरी...
 

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एस हुसैन जैदी अपने किताब में अशरफ खान के बारे में लिखते हैं कि वो मुंबई की रहने वाली थी उसकी शादी महमूद से हुई। इस दौरान उसे जो आजादी मिली अशरफ ने उसे बहुत पसंद किया। अशरफ महमूद के साथ बहुत खुश थी लेकिन उसे इस बात का नहीं पता था कि वो क्या काम करता है। एक दिन दुबई से लौटते समय सांताक्रूज एअरपोर्ट पर हुए एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई। दुबई जाने से पहले महमूद ने अशरफ को बताया था कि ये दुबई की उसकी आखिरी यात्रा होगी और वो अपने बॉस से कुछ मसले सुलझाने जा रहा है। लेकिन वो कभी नहीं लौटा। अपने पति की कब्र के पास बैठी अशरफ को उस्मान नाम के एक बूढ़े आदमी ने बताया कि उसके पति को दाऊद इब्राहिम ने मरवा दिया है क्योंकि महमूद ने उसका एक काम करने से मना कर दिया था।
 
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इसी के बाद अशरफ ने तय कर लिया था कि वो दाऊद को मार कर ही रहेगी। उस्मान ने अशरफ को बताया कि उसे हुसैन उस्तरा नाम के एक व्यक्ति के पास जाना चाहिए वो भी दाऊद से बेहद नफरत करता है और उस तक पहुंचने में मदद कर सकता है। अशरफ इसके बाद हुसैन उस्तरा के पास पहुंची जिसने उसे पूरी तरह से बदल कर रख दिया।
 
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उस्मान ने अशरफ को ऐसी ट्रेनिंग दी कि दो महीने में ही वो बंदूक चलाना सीख गई, उसे अपना बचाव करना आ गया और वो पूरे मुंबई में बाइक पर घूमने लगी। अशरफ आत्मविश्वास से भर चुकी थी। इसके अलावा उसके रहन-सहन में भी काफी बदलाव आ गया था। वो सलवार कमीज की जगह जींस और शर्ट पहनने लगी थी। उसकी बातों में भी अब एक तेजी आ गई थी, उसके सोचने-समझने का ढंग पूरी तरह से बदल चुका था। समय के साथ अशरफ के मन में पति की हत्या की दुख की जगह बदले की भावना ने ले ली थी।
 
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अशरफ के सपना बनने की कहानी भी दिलचस्प है। दाऊद के दुश्मनों में एक बड़ा नाम अरुण गवली का भी था। अशरफ गवली के पास भी मदद मांगने गई थी। वहां जाकर उसे महसूस हुआ कि हिंदू गैंगस्टर मुसलमानों पर ज्यादा विश्वा‍स नहीं करते। इस बारे में हुसैन से बात करते समय उसने तय किया कि वो अपना नाम बदलेगी। जब हुसैन ने जानना चाह कि वो अपना नाम क्या रखना चाहती है तो उसने कहा कि उसने कुछ सोचा नहीं है। फिर कुछ देर बाद उसने कहा कि मैं हर समय बस दाऊद की मौत के बारे में सोचती रहती हूं। ये मेरा 'सपना' है इसलिए आज से मेरा नाम हुआ 'सपना'। और इसी दिन से अशरफ खान 'सपना दीदी' के नाम से मशहूर हो गई।
 

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ये इत्तेफाक ही है कि अरुण गवली के जीवन पर आधारित फिल्म 'डैडी' भी बनकर तैयार है। इसमें अर्जुन रामपाल लीड रोल में हैं। अरुण गवली की पत्नी एक मुस्लिम थी, जिन्होंने शादी के बाद नाम बदलकर आशा रख लिया। अशरफ खान को यहीं से अपना नाम 'सपना' रखने की प्रेरणा मिली, ऐसा नाम जो हिंदू और मुस्लिम दोनों ही कम्युनिटी में स्वीकार्य था।
 

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सपना दीदी बनकर अशरफ ने मुंबई पुलिस को दाऊद के कामों की टिप देने लगी। मुंबई पुलिस ने ईनाम की पेशकश की, पर वो कभी सामने नहीं आई। हमेशा टेलीफोन बूथों से खबर देकर वो निकल जाती थी। 'सपना दीदी' के सबसे बड़े 'इन्फॉर्मेशन' पर मुंबई पुलिस के जवानों ने रेड डालकर दाऊद के बड़े बिजनेस सेंटर को घेर लिया। इसमें 40 लोग थे। इन 40 अपराधियों में कम से कम 20 लोग तड़ीपार थे। इसी रेड में दाऊद के जुएं का अड्डा संभालने वाले दो माफिया पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे।
 

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अशरफ उर्फ 'सपना दीदी' कभी माफिया डॉन नहीं बनी। हां, वो माफिया के किस्से को खत्म कर देने के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं रही। उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं रहा। कभी मुंबई पुलिस में एसीपी रहे इसाक भगवान ने खुद जैदी से कहा था कि 'सपना दीदी' इस दुनिया में आने से पहले पाक-साफ रिकॉर्ड वाली थी। अपने पति के मारे जाने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचनाएं दी। ताकि वो बदला ले सके। सबसे बड़ी बात ये थी कि 'सपना दीदी' ने जो कुछ किया, वो सब 'प्यार' के लिए किया।
 

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अशरफ उर्फ 'सपना दीदी' के मन में दाऊद को हर हाल में खत्म करने का जो जुनून था, उसे पूरा करने के लिए उन्होंने एक पुलिस वाले से शादी कर दी। ताकि वो दाऊद को बर्बाद कर सके। इसी क्रम में 'सपना दीदी' नेपाल गई, जहां वो दाऊद के हथियारों की खेप को तबाह कर सके। यही नहीं, उन्होंने दाऊद के खात्मे की ऐसी योजना बनाई, जो किसी के भी सोच से भी बाहर था।
 

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डॉन.कॉम को दिए इंटरव्यू में जैदी ने बताया कि दाऊद को मारने की भरसक कोशिश करने वाली 'सपना दीदी' दाऊद को मारने 'शरजाह' पहुंच गई। वहां उन्होंने क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम में ही हजारों की भीड़ के सामने दाऊद के खात्मे का प्लान बनाया। पर दाऊद को इसकी भनक पहले ही लग गई थी। दाऊद ने उसके पति महमूद की तरह अशरफ को भी मरवा दिया।
 
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'सपना दीदी' की वजह से दाऊद के कई गुर्दे पकड़े गए। मुंबई में 'डी कंपनी' के धंधे में मंदी आ गई। इनवेस्टिवगेटिव जर्नलिस्ट एस हुसैन जैदी ने 'सपना दीदी' को 'माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई' नाम की अपनी किताब में लिखा, 'दाऊद के कई अड्डे बंद करवाकर तीन हफ्ते में ही उसने वो सब कर दिखाया था जो मैं पूरी जिंदगी में नहीं कर पाया। पर मेरी सबसे अच्छी पसंद होने की जो सबसे बड़ी वजह 'प्यार' था। जिसके लिए अशरफ उर्फ 'सपना दीदी' ने खुद को कुर्बान कर दिया। लड़ाई सीखने के अलावा उसने जासूसी सीखी और जब उससे मकसद पूरा होते न दिखा तो सारी दुनिया के सामने 'दाऊद' को मारने का खौफनाफ काम करने का बीड़ा भी उठा लिया। कुछ ऐसी थी अशरफ खान के 'सपना दीदी' बन जाने की इनसाइड स्टोरी। उम्मीद है, आपको पसंद आई होगी।
इनपुट: 'माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई' के साथ ही तमाम इंटरव्यूज से भी।
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