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एक्सक्लूसिव: 'सुपर 30' के बाद अब 'WAR में उतरेंगे ऋतिक, खास इंटरव्यू में खोले जिंदगी के कई राज

Sat, 31 Aug 2019 02:47 PM IST
शिप्रा सक्सेना मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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ऋतिक रोशन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई टीम
ऋतिक रोशन को बतौर हीरो अपनी पहली फिल्म 'कहो ना प्यार है' की अमर उजाला में छपी फिल्म समीक्षा का शीर्षक ‘आ पहुंचा एक नया स्टार’ अब तक याद है। उनकी पिछली फिल्म 'सुपर 30' की अब तक सराहना हो रही है और अब काउंटडाउन शुरू हो चुका है उनकी अगली फिल्म 'वॉर' का, जिसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी एक्शन फिल्म कहा जा रहा है। ऋतिक रोशन से अमर उजाला की ये EXCLUSIVE बातचीत।
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Super 30 - फोटो : Social Media
देख रहे हैं कि आपने सुपर 30 की कामयाबी का जश्न ही नहीं मनाया, न कोई पार्टी न कोई जलसा, सीधे फिर से काम पर?
हां, समय बहुत तेजी से आगे भाग रहा है। समय को साधना आता तो जरूर पार्टी करता। लेकिन, 'सुपर 30' के तुरंत बाद 'वॉर' की शूटिंग में लग गया। अब इसका पोस्ट प्रोडक्शन चल रहा है। सच पूछें तो मेरे पास वाकई 'सुपर 30' की कामयाबी का जश्न मनाने के लिए अभी समय नहीं रहा। 
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hrithik roshan - फोटो : social media
कोई फिल्म जब हिट होती या फ्लॉप भी हो जाती है, तो आपकी पहली प्रतिक्रिया इसके बारे में क्या होती है?
मेरा मानना है कि किसी भी अभिनेता के लिए सबसे बड़ी बात उसके जीवन में होती है अपनी सूझबूझ या सहज प्रवृत्ति को बार बार ठोंक बजाकर देखते रहना। ये ठीक से काम कर रही हैं कि नहीं। समय के साथ बदल रही है कि नहीं। दुनिया के बाकी बदलावों के साथ कदमताल कर रही है कि नहीं। दोनों में तालमेल बहुत जरूरी है। कई बार अभिनेता के तौर पर मुझे लगता है कि ये फिल्म नहीं चलने वाली और वह फ्लॉप हो भी जाती है तो सुकून इस बात का मिलता है कि इसने मेरी सहज प्रवृत्ति को सही साबित किया। लेकिन, अगर आपको लगा कि फिल्म खराब है और फिल्म फिर भी चल जाए तो यह बहुत अजीब सी स्थिति होती है क्योंकि फिर आपको समझ नहीं आएगा कि आगे क्या और कैसे करना है।

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Hrithik Roshan - फोटो : amar ujala mumbai
मुख्य भूमिकाओं में अभिनय के आपके दो दशक पूरे होने वाले हैं। नंबर वन की दौड़ में आप कभी रहे नहीं। क्या सबक सीखे हैं आपने अपनी इस अभिनय यात्रा में?
मेरे ख्याल से जिस बात में मैं सबसे ज्यादा यकीन रखता हूं, वह ये है कि रचनात्मकता में कोई सर्वश्रेष्ठ नहीं होता। कोई नंबर एक है या नंबर दो या नंबर तीन, ये सब बातों में अच्छा लगता है। बातें करने के लिए ये थोड़ा रोचक भी होता है शायद। लेकिन, जैसे मैं अपने बच्चों को सिखाता हूं वैसा ही जीवन है। मैं बच्चों से कहता हूं कि आप दौड़ में जब भागते हो तो पहले स्थान पर रहे या आखिरी स्थान पर इससे मुझे कोई मतलब नहीं है। मतलब इस बात से है कि जब आपने दौड़ना शुरू किया तो आपने उसमें अपना सब कुछ दांव पर लगाया कि नहीं। मेरा सबक तो यही है कि मैं जो भी करूं उसमें अपना सबकुछ झोंक दूं, बिना नतीजे की परवाह किए।
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Hrithik Roshan and Sussanne Khan - फोटो : instagram
ये तो सबक हुआ सिनेमा का, जीवन का क्या सबक रहा?
इसको मैं दूसरी तरह से देखता हूं। मैं देखता हूं कि जीवन में मेरे पास क्या विकल्प हैं? विकल्प बस दो ही हैं, कोशिश करना या फिर कोशिश नहीं करना। मैं सोचता हूं कि क्या मैं कोशिश करके ये साबित कर सकता हूं कि जीवन अच्छा है। या फिर कि मैं बिना कुछ किए बस जीवन को कोसता रहूं कि नहीं दुनिया बहुत खराब है। कुछ नहीं सुधरने वाला। तो मैं पहला विकल्प चुनता हूं और यह तय करता हूं कि मैं कोशिशें करना बंद नहीं करूंगा।
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Hrithik Roshan and Sussanne Khan - फोटो : instagram
क्या यही बात आप निजी रिश्तों में भी लागू करते हैं?
जीवन में यह बहुत जरूरी है कि आपके पास ऐसे लोग हों जो आपमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में मदद करें। मैं अपने आसपास के लोगों को लेकर बहुत धैर्य रखता हूं। सहनशील भी हूं। मेरे विचारों से अलग भी किसी के विचार होते हैं तो मैं उनका सम्मान करता हूं। हमारे आसपास कैसे लोग रहेंगे, इसका फैसला हमें जरूर करना चाहिए। हमारे मित्र ऐसे होने चाहिए जो हमारी गलतियां हमें बता सकें और हमें एक बेहतर इंसान बनने में मदद कर सकें। लेकिन, मैं ये भी मानता हूं कि जो लोग मेरे लिए सकारात्मकता लेकर नहीं आ रहे हैं, उन्हें मेरे आसपास नहीं होना चाहिए।
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war film - फोटो : amar ujala
आपकी अगली फिल्म 'वॉर' में दुनिया के चार बेहतरीन स्टंट निर्देशकों ने रोमांच गढ़ा है, आपका क्या मानना है कि एक अभिनेता को परदे पर कल्पना को वास्तविक दिखाने के लिए किस हद तक जाना चाहिए?
एक कल्पना को परदे पर वास्तविक दिखाने के लिए ही हमें पैसे मिलते हैं। वही हमारा काम है। पर फिर भी मैं ये कहना चाहता हूं कि एक अभिनेता को सूझबूझ के साथ ही जोखिम उठाना चाहिए। अपने घमंड के चलते कभी ये नहीं करना चाहिए कि मैं परदे पर ऐसा करूंगा तो मेरा नाम होगा। कलाकारों की सुरक्षा के लिए अब तमाम सारी सहूलियतें उपलब्ध हैं तो उन सबकी मदद भी जरूर लेनी चाहिए।

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Hrithik Roshan - फोटो : amar ujala mumbai
कैमरे के पीछे से कमान संभालने का ख्याल आपको आता है क्या?
आप मेरे फिल्म निर्देशक बनने की बात कर रहे हैं तो मुझे ये बताने में गुरेज नहीं है कि ये बात मेरे दिमाग में बहुत लंबे समय से है। इस बारे में अभी तक सिर्फ मैंने सोचा है। जब तक ये मेरे लिए एक जुनून या मेरी समझबूझ का हिस्सा नहीं बनता तब तक मैं निर्देशक नहीं बनना चाहूंगा। इसके लिए मेरे भीतर अभी अंदरूनी चाहत नहीं बन रही है।
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hrithik roshan - फोटो : social media
'सुपर 30' और 'वॉर' के बाद क्या? खबरें हैं कि आप 'सत्ते पे सत्ता' के रीमेक में रवि का किरदार करने जा रहे हैं? 
नहीं, ऐसा नहीं है। अभी तक मैंने इसकी पुष्टि नहीं की है। हां, मेरे पास दो चार पटकथाएं आई हैं। अभी इनको मैं पढ़ ही रहा हूं। 'वॉर' के बाद मैं कौन सी फिल्म करूंगा, इस बारे में अभी तक कोई फैसला मैंने नहीं लिया है। जैसे ही ऐसा कोई फैसला मैं लूंगा, अमर उजाला के जरिए इसकी जानकारी अपने चाहने वालों तक सबसे पहले पहचाऊंगा।

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