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अमर उजाला से मुलाकात में बोलीं राधिका मदान, 'मेरे सपनों को साकार करने में मेरे पिता ने बहुत मदद की'

Tue, 10 Mar 2020 11:41 AM IST
Avinash Pal अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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radhika madan - फोटो : instagram
कॉलेज के समय से ही करीना कपूर से प्रेरित रहीं अभिनेत्री राधिका मदान किसी की नकल नहीं करना चाहतीं। दिल्ली की सारी चटोरी गलियों की खाक छान चुकी राधिका बिल्कुल देसी अंदाज में जीती हैं और हर त्योहार का खुलकर लुत्फ उठाती हैं।
 
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Radhika Madan - फोटो : Mumbai, Amar Ujala
देश में त्योहार का मतलब होता है तरह तरह के व्यंजन, पकवानों के मामले में आप कितनी देसी हैं?
मैं दिल से बहुत ही देसी हूं। आप मुझसे पूछ सकते हैं कि कि दिल्ली में सबसे अच्छे छोले-भटूरे कहां मिलते हैं, सबसे अच्छी सेवपुरी कहां मिलती है? मुझे सब पता है। छोले-भटूरे खाने के लिए ही तो मैं दिल्ली में कहीं तक भी जा सकती हूं। चाय अच्छी कहां मिलेगी या फिर बेहतरीन मैगी कहां मिलती है, ये सब मैंने घूमते फिरते ही जाना है।
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radhika madan - फोटो : instagram
अभिनय की शुरुआत में हर कलाकार के मन में किसी न किसी कलाकार की छवि रहती है, आप किसकी प्रशंसक रही हैं?
मैं करीना कपूर की बहुत बड़ी फैन हूं लेकिन मैं अगर आगे चलकर कितना भी अच्छा कर लूंगी फिर भी लोग मेरी तुलना करीना के साथ ही करेंगे। प्रेरित होना अच्छी बात है। लेकिन किसी कलाकार की नकल करना मुझे बिल्कुल सही नहीं लगता। सीखने के मामले में मैं बहुत अच्छी छात्रा हूं पर मुझे कॉपी करना पसंद नहीं है।

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राधिका मदान और इरफान खान - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म अंग्रेजी मीडियम में आप इरफान की बेटी बनी हैं, उनकी कलाकारी से आपने क्या-क्या सीखा?
इरफान अपने आप में अभिनय का एक स्कूल हैं। वह अब भी किसी किरदार को उतनी ही गहराई से पढ़ते हैं, जैसे कोई नया कलाकार पढ़ता है। वह नोट्स बनाते हैं और कोई बड़ा सीन होने पर नए कलाकार के जितना ही डरते हैं। मैं यह जानकर बड़ी हैरान थी कि 50 से 60 फिल्में करने के बाद इरफान खान को डर लगता है। यही कारण है कि उनके हर किरदार में एक नयापन दिखता है। उनको देखकर ही बहुत कुछ सीखा जा सकता है।
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Radhika Madan
फिल्म 'पटाखा' रिलीज होने से पहले और उसके बाद आपके दोस्तों और रिश्तेदारों का नजरिया आपके प्रति कितना बदला?
मैंने पहले 'मर्द को दर्द नहीं होता' साइन की थी लेकिन रिलीज पहले 'पटाखा' हुई। लोगों का नजरिया तो मेरे प्रति तभी बदल गया था जब मैंने टीवी में काम करना शुरू किया। लेकिन मैंने एक बात समझी कि टीवी में प्रसिद्धि जितनी जल्दी मिलती है, उतनी ही जल्दी चली भी जाती है।
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'अंग्रेजी मीडियम' - फोटो : सोशल मीडिया
अंग्रेजी मीडियम के ट्रेलर को लेकर आपके माता पिता की प्रतिक्रिया क्या रही?
जब भी मेरी फिल्म का ट्रेलर रिलीज होता है तो मेरे मम्मी पापा उसे सैकड़ों बार देखते हैं। कोई गाना अगर रिलीज होता है तो वह दिन भर देखेंगे और रात में सोने से पहले भी उसे दो-तीन बार आराम से देखेंगे। जब अंग्रेजी मीडियम का ट्रेलर आया तो मेरे आंसू निकल आए थे। और, जब इस फिल्म का गाना रिलीज हुआ तो मेरे पिता के आंसू निकले थे। मेरे सपनों को साकार करने के लिए मेरे पिता ने मेरी बहुत मदद की है। 
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