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इन 10 फिल्मों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे ओमपुरी

Fri, 06 Jan 2017 05:30 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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अपनी दमदार आवाज और एक्टिंग के लिए जाने जाने वाले बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर ओम पुरी अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने टेलेंट और फिल्मों के रूप में उन्होंने जो अनमोल धरोहर पीछे छोड़ी है वो हमेशा हमारी यादों में ताजा रहेगी। अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में ओम पुरी ने हिंदी और अंग्रजी से लेकर कन्नड़ और पंजाबी सिनेमा में काम किया और हर जगह अपनी एक अलग छाप छोड़ी।
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दर्जनों फिल्में उन्होंने कीं लेकिन कई फिल्में ऐसी रहीं जिनमें उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग का लोहा मनवाया। इन फिल्मों में 'अर्धसत्य' से लेकर 'मकबूल' और 'माचिस' शामिल हैं। आज हम आपको बताएंगे उनकी ऐसी दस फिल्मों के बारे में जो उनके दमदार अभिनय के लिए हमेशा ही याद रखी जाएंगी।
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इनमे सबसे पहले नाम आता है फिल्म 'अर्धसत्य' का। गोविंद निहलानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ओम पुरी एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर के किरदार में नजर आए थे जो अपने आस-पास फैली बुराईयों से लड़ता है। इस फिल्म में ना सिर्फ ओम पुरी के अभिनय को सराहा गया बल्कि फिल्म को भी कई अवॉर्ड मिले। इतना ही नहीं इस फिल्म के लिए ओम पुरी को बेस्ट एक्टर के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया।

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दूसरी फिल्म है 'आक्रोश'। इस फिल्म को भी गोविंद निहलानी ने डायेरक्ट किया था। फिल्म की कहानी एक सत्य घटना पर आधारित थी जिसमें न्यायपालिका में फैले भ्रष्टाचार पर तंज कसा गया था और दिखाया था कि किस तरह गरीब और लाचार लोगों को अमीरों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है। फिल्म को जहां बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड दिया गया वहीं इसमें निभाए किरदार के लिए ओम पुरी को फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड दिया गया।
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'आरोहण' भी एक ऐसी फिल्म है जिसमें ओम पुरी ने अपने अभिनय की मिसाल पेश की। श्याम बेनेगल की इस फिल्म में निभाए किरदार के लिए ओम पुरी को बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड दिया गया। इस फिल्म में ओम पुरी ने एक गरीब किसान का किरदार निभाया था।
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- फोटो : Getty
चौथी फिल्म है 'माचिस'। गुलजार की इस फिल्म में तबू, ओम पुरी, जिमी शेरगिल और चंद्रचूड़ सिंह मु्ख्य भूमिका में थे। फिल्म की पृष्ठभूमि 1980 के दशक में पंजाब में सिखों के विद्रोह के इर्द-गिर्द थी। फिल्म में दिखाया गया था कि बदला लेने के लिए किस तरह एक आम युवा खूंखार आतंकवादी बन जाता है। फिल्म ने ना सिर्फ खूब कमाई की बल्कि इसे सभी ने सराहा।
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'मकबूल' में भी ओम पुरी के अभिनय का नायाब नमूना देखने को मिला। फिल्म विलियम शेक्सपियर के प्ले 'मैकबैथ' पर आधारित थी जिसकी कहानी का तानाबाना आतंकवाद के इर्द-गिर्द घूमता है।

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ऐसी ही उनकी एक और फिल्म रही 'घायल वंस अगेन'। सनी देओल स्टारर इस फिल्म में ओम पुरी ने एक पुलिस अफसर का किरदार निभाया था। बेशक फिल्म में उनका ज्यादा रोल नहीं था लेकिन उसके लिए उनकी खूब तारीफें हुईं।

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फिल्म 'डर्टी पॉलिटिक्स' में भी ओम पुरी ने अपने दमदार अभिनय का जौहर दिखाया। इस फिल्म में एक नेता का किरदार निभाया था जो एक स्कैंडल में फंस जाता है। फिल्म में ओम पुरी और मल्लिका शेरावत के बीच काफी बोल्ड सीन थे और इनकी वजह से फिल्म पर काफी विवाद भी हुआ था।

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फिल्म 'कुर्बान' का उनका किरदार काफी डरावना रहा। आतंकवाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में ओम पुरी आतंकवाद के मास्टरमाइंड बने थे।

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अगली फिल्म जिसमें ओम पुरी का शानदार अभिनय देखने को मिला वो थी राकेश ओमप्रकाश मेहरा की 'दिल्ली 6'। फिल्म में उनका लाइट किरदार था जिसे काफी पसंद किया गया।
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'देव' भी एक ऐसी फिल्म है जिसमें बाकी कलाकारों के अभिनय के अलावा ओम पुरी के लिए भी याद रखा जाएगा।  गोविंद निहलानी की इस फिल्म में ओम पुरी ने एक पुलिस कमिश्नर का किरदार निभाया जबकि अमिताभ बच्चन जॉइंट पुलिस कमिश्नर के किरदार में नजर आए।
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