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Deepika Chikhalia Exclusive: ‘रामायण’ से मिली प्रतिष्ठा पैसों से नहीं बेचूंगी, दीपिका चिखलिया की खरी खरी

Fri, 29 Apr 2022 08:31 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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दीपिका चिखलिया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में काम करने वाले सभी प्रमुख कलाकार अपने जीते जी ही किवदंती बन गए। इसमें सीता का किरदार निभाने दीपिका चिखलिया तो अब भी जहां जाती हैं, लोग उनके पैर छूने के लिए लपक पड़ते हैं। अपने जन्मदिन पर उन्होंने ‘अमर उजाला’ से ये खास मुलाकात की।
 
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दीपिका चिखलिया - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना काल में जब ‘रामायण’ का दोबारा प्रसारण शुरू हुआ तो हिंदी मनोरंजन जगत को आपकी याद तो आई होगी?
सच तो ये है कि ‘रामायण’ दोबारा शुरू होने से पहले ही मैंने काम करना शुरू कर दिया था। हां, ‘रामायण’ शुरू होने और फिर आपके यहां मेरा इंटरव्यू प्रकाशित होने के बाद ये बात इंडस्ट्री को भी पता चल गई कि दीपिका काम करना चाहती हैं। भगवान ने दोबारा रास्ता खोला है तो कुछ न कुछ मेरे लिए होगा ही। बहुत सारे निर्माताओं के प्रस्ताव मेरे पास तब से लगातार आ रहे हैं, लेकिन मैं हर फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहती। मैं अच्छा काम और अच्छा सिनेमा करना चाहती हूं। 

 
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दीपिका चिखलिया - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तो ऐसे कौन से ऑफर आए जो आप करना नहीं चाहतीं?
जिंदगी में तो यह सब चलता ही रहता है। बहुत सारी बकवास फिल्मों के ऑफर आए जिन्हें मैंने मना कर दिया था। एक फिल्म बीच में की ‘गालिब’। उसकी स्क्रिप्ट भी मुझे बिलकुल पसंद नहीं आई। फिर फिल्म के लेखक ने कहा कि इसका संदेश बहुत सकारात्मक है और मेरे करने से ये संदेश करोड़ों लोगों तक जाएगा। फिर इसकी पटकथा और संवाद मेरे हिसाब से बदले गए। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे माध्यम से समाज में कोई गलत संदेश जाए।

 

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दीपिका चिखलिया - फोटो : सोशल मीडिया
और, ओटीटी पर भी तो इन दिनों खूब फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं...
मेरी बहुत इच्छा है कि मैं ओटीटी पर काम करूं लेकिन मेरे पास जो ऑफर आ रहे हैं। उनमें या तो थोड़ी बहुत नग्नता होती है या फिर गाली गलौज। मैं सोचती हूं कि अगर मैं साफ सुथरा काम करना चाहूं तो कहां जाऊं। यह बात कहीं न कहीं मुझे बहुत खलती है। मैं पैसों के लिए अपनी प्रतिष्ठा तो नहीं बेच सकती। अक्सर सोचती हूं अच्छी कहानियां क्यों नहीं लिखी जा रही हैं। मुझे तो अच्छा साफ सुथरा रोल चाहिए। मेरा जो दायरा है, मैं उसमें ही रहकर काम करना चाहती हूं। 

 
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दीपिका चिखलिया - फोटो : दीपिका चिखलिया

आप मर्यादा की बात कर रही हैं, लेकिन जिन्होंने अपनी मर्यादाएं त्याग दी हैं, पुरस्कृत तो वैसे ही लोग हो रहे हैं?
आपका इशारा अगर पद्म पुरस्कारों की तरफ है तो मैं इसका फैसला भगवान पर छोड़ चुकी हूं। ये सही बात है कि पद्म सम्मान समय रहते मिले तो उसका आनंद अलग होता है। लेकिन मेरे अंदर धैर्य बहुत है। मेरा भगवान मेरे प्रशंसक हैं। जिस तरह से नई पीढ़ी के लोगों ने ‘रामायण’ दोबारा शुरू होने के बाद मुझे पसंद किया, मुझे लगता है यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। कभी न कभी सरकार को भी ये बात समझ में आएगी ही। मैं भी यही हूं, सरकार भी यही है, कभी न कभी तो मिल ही जाएगा। मैं जीवन में हमेशा अच्छा ही सोचने वाली इंसान हूं।
 

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दीपिका चिखलिया - फोटो : social media

29 अप्रैल का दिन यानी कि आपका जन्मदिन तो ‘रामायण’ की शूटिंग के दौरान भी कई बार आया होगा, तब का कोई किस्सा?
ऐसा कई बार हुआ कि मैं ‘रामायण’ की शूटिंग कर रही हूं और मेरा जन्मदिन आया। लेकिन, मैंने कभी किसी को अपने जन्मदिन के बारे में बताया नहीं। लोगों के बीच केक काटने में मुझे बड़ी शर्म आती है। मुझे पसंद नही कि मेरे जन्मदिन पर हो हल्ला हो। सबकी नजरें मुझे ही घूरती रहें। एक बार मैं कैलाश सुरेंद्र नाथ के साथ एक विज्ञापन फिल्म कर रही थी। उनकी पत्नी आरती को मेरे जन्मदिन के बारे में पता चल गया तो वह केक लेकर आ गईं। वह पहला केक था जो मैंने पहली बार अपने जन्मदिन के मौके पर शूटिंग के दौरान काटा।

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दीपिका चिखलिया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

'बाला' और' गालिब' के बाद और कौन सी फिल्में कर रही हैं?
करण राजदान की फिल्म 'हिंदुत्व' में मैंने गुरु मां की भूमिका निभाई है। इसके अलावा पंडित दीन दयाल उपाध्याय की बायोपिक कर रही हूं। एक गुजराती सीरियल 'खोज' भी किया है जो मर्डर मिस्ट्री है। इसमें मैने पहली बार निगेटिव किरदार निभाया है।

 

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दीपिका चिखलिया - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

‘गालिब’ से पहले आप काफी समय तक सिनेमा से दूर रहीं?
सिनेमा से दूर जरूर थी लेकिन मैं बाकी कामों में व्यस्त थी। मैं अपने पति के कारोबार मं हाथ बंटा रही थी। हमारा कॉस्मेटिक का बिजनेस है। पांच साल मैंने इसे संभाला। उसके बाद मैने सात आठ साल अपने पेंटिंग्स की प्रदर्शनियों को दिए। जब बच्चे छोटे थे तभी घर पर रही मैं, उसके बाद तो मैंने अपने अलग अलग क्षेत्रों में बहुत काम किया है। इस बीच राजनीति, धारावाहिकों और फिल्मों में कुछ न कुछ चलता ही रहता था।

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