'प्यासा', 'साहब, बीवी और गुलाम', 'चौदहवीं का चांद' जैसी बेमिसाल फिल्में देनेे वाले गुरु दत्त उस वक्त दिवालिया हो गए जब 'कागज के फूल' फ्लॉप हो गई। एक ओर जहां वो वहीदा रहमान को नहीं अपना पाए तो वहीं दूसरी ओर फिल्म में नुकसान की वजह से गुरुदत्त बिल्कुल टूट चुके थे और उन्होंने 2 बार आत्महत्या की कोशिश की थी लेकिन तीसरी बार उनकी जान चली गई। 39 साल की उम्र में गुरु दत्त अपने बेडरूम में मृत पाए गए। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने पहले खूब शराब पी और उसके बाद ढेर सारी नींद की गोलियां खा ली थीं।