मशहूर गीतकार गुलजार हिंदी सिनेमा का काफी बड़ा नाम है। गुलजार के शानदार गानों से उनकी शख्सियत का पता चलता है। उन्होंने साल 1963 में फिल्म बंदिनी से बतौर गीतकार अपना फिल्मी सफर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक बेहतरीन गाने दिए हैं। गुलजार का जन्मदिन 18 अगस्त को होता है। गुलजार की निजी जिदंगी और फिल्मी तरफ के बारे में बात करें तो वह मुंबई पहुंचकर एक गराज में मैकेनिक का काम करते थे। खाली वक्त में वो कविताएं और शायरी लिखते थे। उनके जन्मदिन पर ऐसे ही कुछ चुनिंदा गाने जो आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
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तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं
तेरे मासूम सवालों से परेशान हूं मैं
साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म मासूम के इस गाने के फीमेल वर्जन को लता मंगेशकर ने गाया है, जबकि मेल वर्जन को अनूप घोषाल ने गाया है। इसे आरडी बर्मन ने संगीतबद्ध किया।
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तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा नहीं, शिकवा नहीं, शिकवा नहीं
तेरे बिना जिंदगी भी लेकिन जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं, जिंदगी नहीं
संजीव कुमार और सुचित्रा सेन पर फिल्माए गए आंधी (1975) के इस गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी, जबकि आरडी बर्मन ने इसका संगीत दिया है।
आने वाला पल जाने वाला है
हो सके तो इसमें जिंदगी बिता दो
पल जो ये जाने वाला है
किशोर कुमार का गाया सुपरहिट गाना फिल्म गोलमाल (1979) से है। इसका संगीत भी आरडी बर्मन ने दिया है। फिल्म में अमोल पालेकर और बिंदिया गोस्वामी ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
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रोज-रोज आंखों तले, एक ही सपना चले
रात भर काजल जले, आंख में जिस तरह
ख्वाब का दिया जले
1986 में रिलीज हुए जीवा फिल्म के इस गाने को आशा भोसले और अमित कुमार ने गाया है। संजय दत्त और मंदाकिनी पर फिल्माए गए इस गाने का संगीत आरडी बर्मन ने दिया है।
मेरा कुछ सामान, तुम्हारे पास पड़ा है
सावन के कुछ भीगे-भीगे दिन रखे हैं
और मेरे एक खत में लिपटी रात पड़ी है
वो रात बुझा दो, मेरा वो सामान लौटा दो
1987 में रिलीज हुई फिल्म इजाजत के इस गाने को आशा भोसले ने गाया है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, रेखा, अनुराधा पटेल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। गाने का संगीत आरडी बर्मन ने दिया है।