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गरीबी में कभी फिनाइल की गोलियां तो कभी डिटर्जेंट पाउडर बेचा करते थे गुलशन ग्रोवर

Tue, 30 Jul 2019 12:17 PM IST
अपूर्वा राय बीबीसी हिंदी
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Gulshan grover

हिंदी फिल्मों में 'बैडमैन' नाम से मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर भी अपने दूसरे सहयोगियों की श्रेणी में आ चुके हैं। अपने मित्र नसीरुद्दीन शाह, शत्रुघ्न सिन्हा और ऋषि कपूर की तरह उनकी जिन्दगी भी अब खुली किताब बनी है। गुलशन ग्रोवर की ज़िंदगी के पन्नों को खोलने वाली किताब जिसका शीर्षक है 'बैडमैन'। पत्रकार रोशमिला भट्टाचार्य द्वारा लिखी गई इस बायोग्राफी में गुलशन ग्रोवर की ज़िंदगी से जुड़े कई किस्सों-कहानियों के साथ-साथ उनकी उस गरीबी का भी जिक्र है, जब उन्हें दो वक्त का खाना तक नसीब नहीं हुआ करता था।

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gulshan grover
बीबीसी से खास बातचीत में अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने अपनी जिंदगी के बारे में कहा, "मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। मेरा बचपन बुरे हालातों में गुजरा। मुझे आज भी याद है कि मेरा स्कूल दोपहर का था लेकिन मैं सुबह ही बस्ते में स्कूल की यूनिफॉर्म रखकर घर से निकल जाया करता था।" ग्रोवर कहते हैं, "हर सुबह मैं अपने घर से दूर बड़ी-बड़ी कोठियों में बर्तन और कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर बेचा करता था। कभी डिटर्जेंट पाउडर, तो कभी फिनाइल की गोलियां, तो कभी पोछे।
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Gulshan grover
ग्रोवर कहते हैं, ''ये सब बेचकर पैसा कमाता था, जिससे स्कूल का खर्चा निकल सके। उन कोठियों में रहने वाले मुझसे सामान खरीद भी लिया करते थे, क्योंकि वो सब चाहते थे कि मैं अपनी आगे की पढ़ाई कर सकूं। मेरी गरीबी से मैं कभी घबराया नहीं। इसकी सबसे बड़ी वजह है मेरे पिता जिन्होंने हमेशा हमें ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलना सिखाया।"

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गुलशन कहते हैं, "मैंने अपनी किताब में कई बातों का जिक्र किया है। सबसे ज़्यादा दर्द मुझे अपनी किताब में माता-पिता से जुड़ी यादों का जिक्र करने में हुआ। उन दिनों हमारे पास खाने के लिए भी पैसे नहीं थे। कई दिन भूखे रहना पड़ा। मुझे इस बात को कहने में कोई शर्म नहीं है कि कॉलेज तक हमारा हाल यही रहा और जब एक्टिंग के लिए मुंबई आया, तब भी कई बार भूखा ही रहा। हर दिन यही सोचता था कि आज का दिन कहा निकालूं, कहा जाऊं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. जीतने की कोशिश करता रहा। परिणाम आप सबके सामने है।"

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गुलशन ग्रोवर

कहा जाता है कि दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मे गुलशन ने 1980 में आई फ़िल्म 'हम पांच' से एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन ऐसा नहीं है। गुलशन बताते है, "मेरी पहली फिल्म 'हम पांच' नहीं रॉकी थी। जिसकी शूटिंग पहले शुरू हुई थी। मुझे अभिनय का बहुत शौक था, इसलिए थिएटर करता रहा और खलनायक के किरदारों के लिए मैंने प्रेम नाथ, प्राण, अमरीश पुरी, अमजद खान, सभी को देखकर बहुत कुछ सीखा। उन सभी को देख मैंने अपनी अलग पहचान बनाई। इसलिए अलग काम और अलग स्टाइल बनाने की कोशिश की। देखते ही देखते मैं एक जबरदस्त खलनायक बन गया। 

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आज इतने सालों बाद जब खलनायकों को लोग भूल गए हैं, ऐसे में लोगों के प्यार और दुआओं की वजह से मुझे फिर से मौके मिल रहे हैं। मैं सूर्यवंशी, सड़क 2 जैसी बड़ी फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभा रहा हूं। गुलशन ग्रोवर का मानना है कि वो पहले भारतीय अभिनेता हैं, जिन्होंने हॉलीवुड फ़िल्मों में बहुत पहले ही अपना हाथ आज़मा लिया था। उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म 'द सेकंड जंगल बुक: मोगली एंड बल्लू' साल 1997 में ही रिलीज हुई थी। विदेशी फिल्मों में काम करने का ये सफर आज भी बरकरार है। उन्होंने जर्मन, ऑस्ट्रेलियन, पोलिश, कनेडियन, ईरानी, मलेशियन, ब्रिटेन और नेपाली फिल्मों सहित भारत की भी विभिन्न भाषाओं में भी काम किया है।

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gulshan grover
गुलशन का कहना है, "उनका विदेशी फ़िल्मों में काम करने का ये सफ़र कत्तई आसान नहीं था। मैंने बॉलीवुड और हॉलीवुड के बीच एक मिट्टी का रास्ता बनाया और आज मुझे खुशी है और फख़्र है कि मेरे सहयोगी प्रियंका चोपड़ा, अनुपम खेर और इरफान खान उस मिट्टी के रास्ते को फॉलो कर और मजबूत बना रहे हैं।" गुलशन कहते हैं, "विदेशी फिल्मों में काम करना मेरे लिए बहुत मुश्किल था, क्योंकि जब मैंने विदेशी फिल्मों में काम करने की शुरुआत की थी तब इंटरनेट नहीं था। हमारी फिल्मों को देखा नहीं गया था। वहां के निर्देशक, कलाकार और निर्माता नहीं जानते थे कि गुलशन ग्रोवर कोई अभिनेता हैं।''

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gulshan grover - फोटो : instagram
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गुलशन कहते हैं वो लोग अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान को भी नहीं जानते थे और तो और बड़े-बड़े फिल्म मेकर को भी नहीं जानते थे। वो उन्हीं फिल्मों को जानते थे जो किसी फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई होती थी। कभी-कभार किसी फिल्म फेस्टिवल में सत्यजीत रे की और चुनिंदा फिल्में ही वो देख पाते थे। बहुत अफ़सोस होता था कि वो लोग भारतीय सिनेमा को नहीं जानते थे। इसलिए मेरे लिए ये बता पाना बहुत मुश्किल था कि मैं अभिनेता हूं। मैंने कई ऑडिशन दिए और जब कभी सेलेक्ट हुआ तब उनसे कहता था कि मैं फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले आऊंगा और शूटिंग खत्म होते ही वापस चला जाऊंगा।
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गुलशन ग्रोवर - फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला

मेरी ये बात सुनकर वो कहते थे कि तुम ऐसा नहीं कर सकते, तुम्हें कभी भी बुलाया जा सकता है। ऐसे में मैं उनसे यही कहता कि यहां तो मैं एक या दो ही फिल्म कर रहा हूं लेकिन भारत में मुझे एक साथ 20 फिल्मों की शूटिंग करनी है और निर्देशकों और निर्माताओं का पैसा लगा है। मैं उन्हें धोखा नहीं दे सकता अगर आपको मंजूर है तो मुझे काम दीजिए। गुलशन ग्रोवर की किताब 'बैडमैन' का लॉन्च भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने दिल्ली में किया। इस दौरान गुलशन ग्रोवर के करीबी मित्र अभिनेता जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी भी मौजूद रहे।

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