गुलशन ग्रोवर
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गुलशन ग्रोवर ने आगे कहा, 'मैं कभी डिटर्जेंट पाउडर, तो कभी फिनाइल की गोलियां और कभी पोछे बेचता था। मैं यह सब बेचकर पैसा कमाता था, जिससे स्कूल की फीस भर सकूं। उन कोठियों में रहने वाले लोग भी मेरी मदद करने के लिए मुझसे सामान खरीद लेते थे, क्योंकि वह सब चाहते थे कि मैं आगे पढ़ाई करता रहूं। मैं अपनी गरीबी से कभी नहीं घबराया। इसकी सबसे बड़ी वजह मेरे पिता जिन्होंने हमेशा हमें ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलना सिखाया था।'