फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 अनसुनी कहानियां: गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए तालियां बजाने वाले साथ लेकर जाते थे 'बैडमैन'

Mon, 21 Sep 2020 10:31 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 11
Gulshan grover - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हिंदी फिल्मों में 'बैडमैन' नाम से मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर सिर्फ फिल्मों में ही बदनाम हैं। वैसे उनके अच्छे इंसान होने के कई किस्से प्रचलित हैं। वह अपने बेटे संजय ग्रोवर से जितना प्यार करते हैं, उतना ही प्यार गुलशन को अपनी बहनों से मिला है। गुलशन काम भले ही हिंदी सिनेमा में करते हैं लेकिन उन्होंने अपनी जान पहचान और दोस्ती हॉलीवुड तक फैला रखी है। इस 21 सितंबर को गुलशन 65 साल के ही गए हैं और उनकी फिल्में आना अब भी जारी हैं। हाल ही में उन्हें महेश भट्ट की फिल्म 'सड़क 2' में देखा गया है और आने वाले समय में वह 'मुंबई सागा' और रोहित शेट्टी की फिल्म 'सूर्यवंशी' में नजर आएंगे। आज हम आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक किस्से सुनाते हैं।
विज्ञापन

2 of 11
Gulshan grover - फोटो : file photo
पेट्रोल का बूंद बूंद हिसाब
गुलशन ग्रोवर से जुड़ा यह किस्सा बहुत अनोखा है। अपने संघर्ष के दिनों में गुलशन ने एक गाड़ी खरीदी और उसमें नपा तुला पेट्रोल डलवाते थे। वह हर चीज का पूरा हिसाब लगाते थे कि वह एक दिन में कितनी पेट्रोल खर्च करेंगे और इससे कहां-कहां घूम लेंगे? एक दिन गुलशन के एक करीबी दोस्त अपनी प्रेमिका को घुमाने के लिए गुलशन से वह गाड़ी चाहते थे। लेकिन, गुलशन ने अपने दोस्त को गाड़ी नहीं दी। उनके दोस्त शशि रंजन ने खुद बताया कि उस दिन गुलशन ने उन्हें गाड़ी नहीं दी, उसका कारण यह था कि गुलशन को अगली ही सुबह एक मीटिंग में जाना था। और आदत अनुसार गुलशन ने अपनी गाड़ी में पेट्रोल उतना ही डलवाया था जितना वह मीटिंग तक जा सकते थे। अगर वह अपने दोस्त को गाड़ी दे देते तो सुबह होने वाली उनकी मीटिंग रद्द हो जाती।
विज्ञापन

3 of 11
gulshan grover - फोटो : file photo
भाई सेर, बहनें सवा सेर
गुलशन का परिवार बहुत बड़ा था। उनकी पांच बहनें हैं और एक बड़े भाई। जब गुलशन छोटे थे तब वह अपनी बहनों की पढ़ाई पर बहुत ध्यान देते थे। वह चाहते थे कि हर वक्त उनकी बहनें पढ़ाई करें और उस पर ध्यान दें। लेकिन, उनकी बहनों ने भी गुलशन से बचने का एक उपाय खोज रखा था। वह अपनी छोटी बहनों को पढ़ाने के लिए एक कमरे में बैठाते थे और टीवी देखने से रोकते थे। जब गुलशन कमरे से बाहर निकलते तो उनमें से एक बहन दरवाजे पर खड़े रहकर पहरा देती और बाकी सभी कमरे में टीवी देखतीं। जैसे ही गुलशन वापस कमरे में आते तो वह तुरंत टीवी बंद करके किताब खोल कर बैठ जाती थीं। हालांकि गुलशन अक्सर अपनी परेशानियां लेकर अपनी बहनों के पास ही जाया करते थे। यहां से पता चलता है कि गुलशन अपनी बहनों से बहुत प्यार करते हैं और उनके लाडले भी रहे।

4 of 11
गुलशन ग्रोवर - फोटो : File Photo
ताली बजवाने वाले साथ में
गुलशन अपने कॉलेज के दिनों से ही अभिनय करने लगे थे। वह उस समय रंगमंच के बड़े कलाकार थे। उन्हें कॉलेज में होने वाले हर नाटक में भाग लेना पसंद था और वह हर नाटक को प्रमुखता से करते थे। उनका उत्साह तक दोगुना होता जब कोई भी नाटक किसी लड़कियों के कॉलेज में होने जाता। वहीं पास ही आई पी कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा कविता चौधरी को गुलशन बहुत पसंद करते थे। जब भी यह इस कॉलेज में उनका नाटक होता तो वह अपने करीबी दोस्तों को अपने साथ जरूर ले जाते। उसका कारण यह था कि मंच पर गुलशन अभिनय चाहे जैसा भी करें लेकिन उनके करीबी दोस्त मौजूद होंगे तो वह तारीफ में तालियां बजाएंगे ही। इस तरह गुलशन लड़कियों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करते थे। पत्रकारिता की दुनिया में आजकल बड़ा नाम रखने वाले रजत शर्मा गुलशन के ही सहपाठी हैं।
विज्ञापन

5 of 11
गुलशन ग्रोवर - फोटो : File Photo
अपने गुरु से ही मिली पहली तनख्वाह
गुलशन ग्रोवर को अभिनय सिखाने का काम रोशन तनेजा ने किया। वह गुलशन के गुरु हैं और गुलशन इनके प्रिय शिष्य भी। जब थिएटर के दिनों में रंगमंच पर गुलशन ने बेहतरीन अदाकारी का नमूना पेश किया तब खुद रोशन तनेजा ने गुलशन को शुभकामनाओं के तौर पर उनकी पहली कमाई थमाई। अभिनय के मामले में गुलशन इतने अच्छे थे कि रोशन ने गुलशन को अपना सहायक नियुक्त कर लिया। आगे चलकर गुलशन रोशन के साथ ही उसी जगह पर दूसरे विद्यार्थियों को भी अभिनय सिखाने लगे। अनिल कपूर, मजहर खान, सुरेंद्र पाल मदन जैन जैसे बड़े नाम भी रोशन तनेजा के ही विद्यार्थी हैं और गुलशन के साथ ही इन्होंने भी अभिनय सीखा है।
विज्ञापन

6 of 11
Rocky - फोटो : amar ujala mumbai
सुनील दत्त ने दिया 'रॉकी' में किरदार
गुलशन जब रंगमंच के ही कलाकार थे उस वक्त अभिनेता संजय दत्त की ट्रेनिंग भी उसी जगह पर चल रही थी। अब संजय दत्त की ट्रेनिंग चल रही थी इसलिए वह भी नाटकों में भाग लेते थे। एक दिन संजय के पिता सुनील दत्त भी नाटक देखने आए और उन्होंने संजय का काम तो देखा ही साथ ही उन्होंने गुलशन ग्रोवर के काम को भी खूब सराहा। तब उन्होंने गुलशन के गुरु रोशन तनेजा से कहा कि वह गुलशन को अपनी अगली फिल्म में एक किरदार देंगे। संजय दत्त ने भी अपने पिता से गुलशन की तारीफ करते हुए कहा कि गुलशन कॉमेडी बहुत अच्छी करते हैं। हालांकि सुनील तो गुलशन का काम देख चुके थे इसलिए उन्होंने अपनी फिल्म 'रॉकी' में गुलशन को लेकर खलनायक का किरदार दिया। इस किरदार के लिए गुलशन ने काफी मेहनत की थी।
विज्ञापन

7 of 11
gulshan grover - फोटो : file photo
जैकी के साथ खुद किए खतरनाक स्टंट
गुलशन ग्रोवर और जैकी श्रॉफ एक साथ कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। इन दोनों की पहली फिल्म जो एक साथ रही, वह है वर्ष 1985 में आई 'मेरा जवाब'। इस फिल्म के ज्यादातर स्टंट गुलशन ग्रोवर ने खुद ही किए थे। हालांकि गुलशन का बॉडी डबल सारे स्टंट करने के लिए तैयार था लेकिन गुलशन चाहते थे कि सारे दृश्यों को वह खुद ही अंजाम दें। फिल्म में उन्हें कुछ दरवाजे और एक दीवार को तोड़ना था। गुलशन और जैकी श्रॉफ का इस पर भी दिमाग चला और उन्होंने फिल्म के निर्देशक एन एस राज भारत से कह दिया कि ये दोनों असली ईंट की दीवार तोड़ेंगे और साथ ही असली दरवाजा भी तोड़ेंगे। इस दौरान जैकी और गुलशन को हल्की-फुल्की चोटें जरूर आईं लेकिन सब कुछ ठीक से हुआ। अभिनय के दौरान गुलशन इतने जोश में भरे रहते थे कि वह कभी-कभी अपने सह कलाकार को असलियत में पीट देते थे।

8 of 11
गुलशन ग्रोवर - फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
'बैडमैन' के बाद का किस्सा
जैकी श्रॉफ की पत्नी आयशा श्रॉफ ने वर्ष 2003 में आई फिल्म 'बूम' बनाई है। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में रहे अभिनेता अमिताभ बच्चन और खुद जैकी श्रॉफ। अभिनेत्री के लिए चुना गया अभिनेत्री कटरीना कैफ को। जब बारी आई फिल्म का एक हीरो चुनने की तब जैकी श्रॉफ ने गुलशन ग्रोवर का नाम सुझाया। इस पर सबकी सहमति भी बन गई। यह किस्सा इसी फिल्म की शूटिंग के वक्त का ही है जब गुलशन इसकी शूटिंग दुबई में कर रहे थे। कैटरीना के साथ उनके कुछ बोल्ड सीन फिल्माए जाने थे। अचानक से उन्हें एक और फिल्म 'जिस्म' की शूटिंग के लिए जाना था जिसमें वह बिपाशा बसु के पति का किरदार निभा रहे थे। इस किरदार को मिलने की बात पर आश्चर्य जाहिर करते हुए गुलशन ने सवाल किया कि वह एक अच्छे पति का किरदार कैसे निभा सकते हैं? गुलशन की इस बात पर सेट पर मौजूद लोगों ने खूब मजे लिए।

9 of 11
gulshan grover - फोटो : File photo
वक्त के जबर्दस्त पाबंद
गुलशन ग्रोवर के बोले कुछ संवाद आज भी सुनने में बहुत मजेदार लगते हैं। उनमें से एक है 'गन्ना चूस के'। गुलशन को यह संवाद निर्माता और निर्देशक उमेश मेहरा ने अपनी फिल्म 'सोनी महिवाल' में दिया। उमेश और गुलशन का रिश्ता बहुत गहरा रहा है। जब उमेश एक फिल्म 'कसम' बना रहे थे तब गुलशन को अपने किरदार को लेकर काफी चिंता थी। वह उमेश से आमने-सामने बैठकर अपने किरदार के बारे में चर्चा चाहते थे लेकिन काम में व्यस्त होने और समय न मिल पाने के कारण इन दोनों की मुलाकात थोड़ी मुश्किल थी। तब गुलशन ने इसका तोड़ निकालते हुए उमेश से शाम को फोन पर बात की और उनसे मिलने का समय मांगा। उमेश ने गुलशन को बताया कि वह सुबह सात बजे उठ जाते हैं। उसके बाद वह घर आकर मिल सकते हैं। दूसरे दिन सुबह गुलशन को नौ बजे शूटिंग पर जाना था इसलिए उन्हें इस बात की चिंता थी कि वह उमेश के घर समय पर पहुंचें। अगले दिन सुबह उमेश सात से पहले ही साढ़े छह बजे उठ गए। वह जब अपने घर से नीचे आए तो उन्होंने सामने मेकअप का पूरा सामान और पटकथा लेकर बैठे हुए एक शख्स को देखा। वह खुद गुलशन ही थे। वह अपने काम के प्रति इतने वफादार थे कि वह देर होने से अच्छा थोड़ा पहले पहुंचना पसंद करते हैं।

10 of 11
गुलशन ग्रोवर-कशिश - फोटो : File Photo
उमेश की दोस्ती के गुलशन
उमेश मेहरा और गुलशन ग्रोवर का करीबी रिश्ता किसी से छुपा नहीं था। उमेश गुलशन को एक अच्छे आदमी के रूप में तो पसंद करते ही थे, साथ में उन्हें गुलशन का काम भी बहुत पसंद था। इसलिए, जब भी वह अपनी किसी फिल्म में गुलशन को कोई किरदार देते तो उनके लिए खास लाइनें भी लिखी जातीं। एक इंटरव्यू के दौरान गुलशन ने खुद उमेश से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उमेश एक फिल्म बना रहे थे जिसमें उन्हें एक किरदार निभाने के लिए कलाकार की जरूरत थी। फिल्म के निर्माता को उन्होंने गुलशन का नाम सुझाया। लेकिन, निर्माता चाहते थे कि वह उस समय के कोई बड़े और स्थापित हो चुके विलेन को फिल्म में लें। उमेश इस बात पर जोर देते रहे कि गुलशन इस किरदार को अच्छे से कर पाएगा। लेकिन, निर्माता नहीं माने। अंत में उमेश उठकर चले और उन्होंने निर्माताओं से कह दिया कि जब आप उनकी कास्टिंग पर ही भरोसा नहीं कर रहे तो फिर फिल्म पर क्या करेंगे? इससे पता चलता है कि उमेश को गुलशन व्यक्तिगत तौर पर बहुत पसंद थे।
विज्ञापन

11 of 11
गुलशन ग्रोवर - फोटो : amar ujala
शो मैन ने बनाया बैडमैन
गुलशन ग्रोवर का रिश्ता निर्माता-निर्देशक सुभाष घई के साथ भी बहुत गहरा रहा है। गुलशन को 'बैडमैन' नाम मिलने का किस्सा भी बहुत शानदार है। सुभाष घई अपनी फिल्म बना रहे थे 'राम लखन'। इस फिल्म में एक खास किरदार निभाने के लिए सुभाष ने गुलशन ग्रोवर को चुना। एक दिन सुभाष ने गुलशन को फोन पर कहा कि वह उनके घर पर सुबह आकर मिलें। समय रहते नाश्ता भी हो जाएगा और काम की बात भी। अगली सुबह गुलशन सुभाष के घर पहुंचे और उनके साथ बैठ कर नाश्ता किया। इसी दौरान सुभाष ने गुलशन को दो लाइन में ही उनका किरदार और लाइनें समझा दीं। सुभाष ने सिर्फ इतना ही कहा कि गुलशन फिल्म में जिस भी किरदार से मिलेंगे तो उन्हें सिर्फ बोलना है, 'बैडमैन! आय एम ए बैडमैन'। और इसी फिल्म के बाद से गुलशन ग्रोवर 'बैडमैन' के रूप में मशहूर हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें