गुलशन देवैया
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संजय लीला भंसाली के साथ 'गोलियों की रासलीला रामलीला' में काम करने का कैसा अनुभव रहा?
अगर आपके अंदर धैर्य नहीं है, तो उनके साथ काम करके आपका दिमाग पक जाएगा। वह अपने काम को बहुत ही गंभीरता से लेते हैं और काम के प्रति बहुत ही समर्पित रहते है। समर्पण की यही भावना वह दूसरों से भी चाहते हैं, लेकिन दूसरों के लिए यह संभव नहीं होता है। इसकी वजह से थोड़ा संतुलन बिगड़ जाता है। लोग थोड़ा उनसे डरते भी हैं, लेकिन मैं हिम्मत करके उनसे बात करता था और अक्सर मॉनिटर के पास घंटों बैठकर उनके काम करने का तरीका देखता रहता था। लोग डर कर उनसे बात नहीं करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को उनके साथ काम करने में मजा नहीं आता। मैं तो निडर होकर उनसे बात करता था, उनको मेरी यह आदत बहुत अच्छी लगती थी।