दिलीप कुमार
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मोहमंद ने कहा कि भवन के पुनर्निर्माण की लागत उसे प्राप्त करने की लागत से दोगुनी होगी। अधिवक्ता ने कहा कि अगर केपीके सरकार इसके बावजूद भी इसे खरीदने में दिलचस्पी रखती है, तो उसे बाजार दर पर ऐसा करना चाहिए, जो कि लगभग 35 करोड़ रुपये है। मोहमंद ने अपने अनुमान का बचाव करते हुए कहा कि हवेली एक प्रमुख इलाके में स्थित है, जहां संपत्ति की दर लगभग सात करोड़ रुपये प्रति मरला है।