फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सरकार को नहीं खरीदना चाहिए दिलीप कुमार का पैतृक मकान', वर्तमान मालिक के वकील ने कही ये बात

Tue, 09 Feb 2021 11:22 PM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
दिलीप कुमार - फोटो : Amar Ujala
भारतीय फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के पेशावर स्थित पैतृक मकान के मालिक के वकील ने प्रांतीय खैबर पख्तूनख्वा सरकार को 100 साल से अधिक पुरानी यह हवेली नहीं खरीदने की सलाह दी है, क्योंकि वह जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है और उसकी खरीद में काफी राशि खर्च होगी।
विज्ञापन

2 of 5
dilip kumar - फोटो : Filmfare
इस महीने के शुरू में खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने कुमार के पैतृक मकान के लिए 80.56 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य फिल्म अभिनेता के सम्मान में उसे संग्रहालय में बदलना था। भवन के वर्तमान स्वामियों के वकील गुल रहमान मोहमंद ने मंगलवार को एक निजी समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा कि हवेली वर्षों की उपेक्षा के कारण बेहद जर्जर हालत में है।
विज्ञापन

3 of 5
दिलीप कुमार - फोटो : social media
मोहमंद ने कहा कि भवन के पुनर्निर्माण की लागत उसे प्राप्त करने की लागत से दोगुनी होगी। अधिवक्ता ने कहा कि अगर केपीके सरकार इसके बावजूद भी इसे खरीदने में दिलचस्पी रखती है, तो उसे बाजार दर पर ऐसा करना चाहिए, जो कि लगभग 35 करोड़ रुपये है। मोहमंद ने अपने अनुमान का बचाव करते हुए कहा कि हवेली एक प्रमुख इलाके में स्थित है, जहां संपत्ति की दर लगभग सात करोड़ रुपये प्रति मरला है।

4 of 5
दिलीप कुमार
मरला भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में उपयोग की जाने वाली जमीन की पारंपरिक इकाई है। माना जाता है कि एक मरला में 272.25 वर्ग फुट या 25.2929 वर्ग मीटर होता है। संपर्क किये जाने पर पुरातत्व निर्देशक अब्दुस समद खान ने कहा कि प्रांतीय सरकार ने भारतीय फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के जन्मस्थान को एक संग्रहालय में बदलने का सिद्धांतिक तौर पर फैसला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दिलीप कुमार
अभिनेता का 100 साल से अधिक पुराना पैतृक मकान प्रसिद्ध किस्सा ख्वानी बाज़ार में स्थित है। मकान को 2014 में तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें