बॉलीवुड के इतिहास को बयां करता आरके स्टूडियो अब बिक चुका है । ये स्टूडियो 71 साल पुराना था । राज कपूर का ये स्टूडियो चेंबूर में स्थित था । इस स्टूडियो को रियल इस्टेट के दिग्गज गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने खरीद लिया है । गोदरेज एक अधिकारी ने इसकी जानकारी शुक्रवार को दी थी ।
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गोदरेज ने आरके स्टूडियो परिसर का 2.20 एकड़ क्षेत्र खरीदा है । यह क्षेत्र 16 सितंबर 2017 को लगी आग में जलकर खाक हो गया था । इस जगह पर गोदरेज लग्जरी फ्लैट बनाएगा । आरके स्टूडियो 1948 में बनकर तैयार हुआ था । 70 और 80 के दशक में इस स्टूडियो ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं ।
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बता दें कि चेंबूर व आसपास के इलाकों में इस समय संपत्तियों की दर 24,000 रुपये से 28,000 प्रति वर्ग फुट है । जीपीएल के कार्यकारी अध्यक्ष पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि यह सौदा भारत के प्रमुख शहरों में कंपनी की स्थिति को मजबूत करता है । गोदरेज और कपूर फैमिली के बीच ये डील 200 करोड़ रुपए में हुई है ।
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आरके स्टूडियो बिकने पर रणधीर कपूर ने कहा, 'चेंबूर की यह संपत्ति मेरे परिवार के लिए कई दशकों से बेहद मायने रखती है । हम इस जगह के लिए एक नया अध्याय लिखने के लिए जीपीएल को चुनकर उत्साहित हैं ।' साल 2017 में आरके स्टूडियो में आग लगने के बाद कपूर खानदान इसे कभी रिनोवेट नहीं करवा पाया ।
ऋषि कपूर ने बताया था कि फिल्म 'जिस देश में गंगा बहती है' में पद्मिनी द्वारा पहने गए गहने और कपड़ों को भी इसी स्टूडियो में सहेज कर रखा गया था। यह उनके पिता की विरासत थी और यह एक खजाना था। पिता राज कपूर ने यहां बनी 'बॉबी' की सफलता से अपने परिवार के लिए एक घर खरीदा था।