गिप्पी ग्रेवाल
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गिप्पी ग्रेवाल की दिलचस्पी बचपन से ही संगीत और नाटकों में थी। इस वजह से गिप्पी का पढ़ाई में मन नहीं लगता था। वह सिर्फ इतनी ही पढ़ाई कर पाते थे, जिससे वह पास हो सकें। गिप्पी जिस गांव में रहते थे, वहां कुछ ऐसा नहीं था कि वह कुछ सीख सकें। 12वीं के बाद उन्होंने म्यूजिक सीखना शुरू किया। जब वह अपने म्यूजिक अध्यापक के पास गए तो उन्होंने बोला कि गिप्पी की आवाज बहुत रफ है, थोड़ी पॉलिश करनी पड़ेगी। इसके बाद उन्होंने अपनी आवाज को और बेहतर बनाने की कोशिश की, उनकी रफ आवाज ने ही उन्हें एक अलग पहचान दी।