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अब राम गोपाल के खिलाफ मैदान में उतरा सिने एम्प्लाइज फेडरेशन, गोवा में बसे निर्देशक को फर्क नहीं

Mon, 11 Jan 2021 06:33 PM IST
Mishra Mishra अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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राम गोपाल वर्मा - फोटो : amar ujala mumbai
सिने मजदूरों के महासंघ फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज ने एक नया फरमान जारी कर कहा है कि उनके सदस्य कर्मचारी फिल्मकार रामगोपाल वर्मा के किसी भी प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे। फेडरेशन का इल्जाम है कि रामगोपाल वर्मा ने उनके कलाकारों, तकनीशियनों पर मजदूरों का लगभग सवा करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं किया है। इस बारे में फेडरेशन रामगोपाल वर्मा को कई बार चिट्ठी लिख चुका है।
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FWICE - फोटो : फाइल
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज का दावा रहा है कि उसके पास किसी भी फिल्म, टीवी सीरीज या वेब सीरीज की शूटिंग रोक देने की ताकत है। लेकि,न पिछले साल भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (हाईकोर्ट के समकक्ष) ने खुले शब्दों में कह दिया है कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज किसी भी फिल्म निर्माता या निर्देशक को न तो सिर्फ अपने ही सदस्य कर्मचारियों के साथ काम करने के लिए बाध्य कर सकती और न ही किसी निर्माता निर्देशक के बहिष्कार जैसी बातें कह सकती है। आयोग ने फेडरेशन की ऐसी धमकियों को गैरकानूनी और अदालत का अपमान भी बताया।
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बाबूमोशाय बंदूकबाज - फोटो : फाइल
पिछले कुछ समय में फेडरेशन के कुछ फरमान ऐसे भी रहे जिनका असर निर्माता निर्देशकों पर हुआ ही नहीं। अब तो यह हाल है कि फिल्मों के निर्माता निर्देशक उनके फरमानों पर ध्यान ही नहीं देते। पिछले साल के आखिर में ही फेडरेशन ने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की नई फिल्म 'जोगीरा सारा रा रा' की घोषणा के अवसर पर फरमान जारी किया था। फेडरेशन के मुताबिक इस फिल्म के निर्माता किरण श्याम श्रॉफ और निर्देशक कुषाण नंदी ने अपनी पिछली फिल्म 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' में  काम करने वाले कर्मचारियों का भुगतान नहीं किया। इसलिए, फेडरेशन ने उनकी नई फिल्म का बहिष्कार करने की बात कही थी। लेकिन, हुआ कुछ नहीं।

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अविनाश दास - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
ऐसी ही धमकी फेडरेशन ने जी5 की फिल्म निर्देशित कर रहे निर्देशक अविनाश दास को भी दी थी। फेडरेशन का आरोप था कि उन्होंने दिल्ली के एक निर्माता के साथ तीन फिल्मों का करार करने के बावजूद किसी दूसरे निर्माता की फिल्म साइन कर ली। यहां तकनीकी पहलू ये है कि भारतीय कानून के मुताबिक किसी भी कलाकार या निर्देशक को इस तरह से किसी बंधन में नहीं बांधा जा सकता। अविनाश वैसे भी इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन से इस्तीफा दे दिया था और वह फेडरेशन का कोई निर्देश मानने के लिए बाध्य नहीं थे। फेडरेशन ने जी5 को भी एक चिट्ठी ऐसी लिखी थी, जो कंपटीशन कमीशन के दिशा निर्देशों का सीधा उल्लंघन था और इसके लिए फेडरेशन के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला बनता था।
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रामगोपाल वर्मा - फोटो : फाइल
रामगोपाल वर्मा का मामला भी यही है। वह अपनी फिल्में खुद बनाते हैं और ज्यादातर शूटिंग हैदराबाद या गोवा में करते हैं। वह खुद भी जाकर गोवा में बस गए हैं, ऐसे में फेडरेशन के किसी बहिष्कार या काम न करने के एलान का उनकी फिल्मों पर कोई असर पड़ता दिखता नहीं है।

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