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Mx Player Crisis: एमएक्स प्लेयर में अब भुगतान का संकट, फिल्मकारों ने शुरू किया ओटीटी से फिल्में उतारना

Thu, 29 Sep 2022 10:36 PM IST
शशि सिंह अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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एमएक्स प्लेयर - फोटो : यूट्यूब

चीन की एक कंपनी के भरोसे भारत में खड़े हुए ओटीटी एमएक्स प्लेयर का इसकी मातृ कंपनी से नाता टूटने के बाद से इसकी आर्थिक हालत दिनोंदिन खस्ता होती दिख रही है। बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी के बाद ताजा मामला मुंबई के तमाम फिल्मकारों को इस ओटीटी से पैसा न मिलने का सामने आया है। एमएक्स प्लेयर का करार सिंगापुर के कानूनों के अधीन होने के चलते ये फिल्मकार कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करने से भी हिचक रहे हैं।

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mx player - फोटो : insta

महामारी के बाद से ओटीटी प्लेटफार्म की लोकप्रियता काफी बढ़ी है। निर्माता, निर्देशक ओटीटी के लिए तरह तरह के कंटेंट बना रहे हैं। कुछ लोग अपनी फिल्मों को भी सीधे ओटीटी पर रिलीज कर रहे है। ओटीटी प्लेटफार्म पर कोई भी शो दो तरीके से रिलीज होता है। या तो निर्माता को शो के बदले एकमुश्त धनराशि मिल जाती है या, फिर उसे रेवेन्यू शेयरिंग बेसिस पर रिलीज किया जाता है। इसी रेवेन्यू शेयरिंग के नाम पर ओटीटी प्लेटफार्म कथित रूप से मनमानी कर रहे हैं। इस बारे में कई फिल्ममेकर्स ने एमएक्स प्लेयर के साथ साथ कारोबार करने में हुए अपने कड़वे अनुभव ‘अमर उजाला’ के साथ साझा किए हैं।

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'अ गेम कॉल्ड रिलेशनशिप' - फोटो : यूट्यूब

फिल्म ‘भूतनाथ’ बनाकर सुर्खियों में आए निर्देशक विवेक शर्मा की फिल्म 'अ गेम कॉल्ड रिलेशनशिप' कोविड से पहले थियेटर में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने ये फिल्म ओटीटी के लिए एमएक्स प्लेयर को रेवेन्यू शेयरिंग बेसिस दे दी। विवेक के मुताबिक, 'जब साल भर तक मुझे पैसे नहीं मिले तो मैंने फिल्म वहां से हटा ली।’ विवेक हिंदी सिनेमा के नामचीन निर्देशक रहे हैं लेकिन उनके साथ भी एमएक्स प्लेयर ने जो व्यवहार किया, उससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री चौकन्नी हो गई है। विवेक ने इस बारे में एमएक्स प्लेयर प्रबंधन से हर स्तर पर बात की लेकिन उन्हें साल भर फिल्म ओटीटी पर चलते रहने का कोई पैसा नहीं मिला।

 

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'फ्लेम एन अनटोल्ड लव स्टोरी' - फोटो : mx player

चर्चित फिल्म 'माय फ्रेंड गणेशा सीरीज' के निर्देशक राजू रुइया को भी ऐसी ही शिकायत है। वह कहते हैं, 'मेरी दो फिल्में 'फ्लेम एन अनटोल्ड लव स्टोरी' और 'एक्स रे' एमएक्स  प्लेयर पर रेवेन्यू बेसिस शेयरिंग बेसिस पर चल रही थीं। मुझे बीते एक साल तक कोई पैसा नहीं मिला तो मैंने दोनों फिल्मों को वहां से हटा लिया।’ राजू के मुताबिक ओटीटी प्लेटफार्म ने ये पूरा खेल मुफ्त में फिल्में पाने को रचा है। निर्माता को लगता है कि रेवेन्यू शेयरिंग बेसिस पर फिल्म देने से उसे ताउम्र निश्चित रकम हर साल मिलती रहेगी लेकिन कम से कम एमएक्स प्लेयर पर ये सिर्फ छलावा है।

 
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mx player - फोटो : social media

इस बारे में तफ्तीश करने पर पता चला कि एमएक्स प्लेयर की टीम फिल्म निर्माताओं से रेवेन्यू शेयरिंग बेसिस पर जो सौदा करती है, उसमें पहले साल विज्ञापनों से होने वाली कमाई का 60 प्रतिशत हिस्सा निर्माता को और 40 प्रतिशत हिस्सा ओटीटी प्लेटफार्म को मिलता है। दूसरे साल ये हिस्सेदारी 70-30 की और उसके बाद 80-20 की हो जाती है। लेकिन इस सौदेबाजी में एक पेंच है और वह ये कि अगर 100 डॉलर से कम रेवेन्यू आया तो निर्माता को एक भी पैसा नहीं मिलता। हिसाब किताब में पारदर्शिता न होने से निर्माताओं को समझ ही नहीं आता कि आखिर फिल्म कितने लोगों ने देखी और एमएक्स प्लेयर को कितनी कमाई हुई?

 
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'लंगड़ा राजकुमार' - फोटो : mx player

इस पूरे मामले की तफ्तीश के दौरान एक और दिलचस्प तथ्य निकलकर सामने आया। पता चला कि एमएक्स प्लेयर ने निर्माताओं से सौदा करने के लिए बीच में एक एजेंसी को भी रखा हुआ है। जो निर्माता इस एजेंसी के जरिये उन्हें फिल्में दे रहे हैं, उन्हें पैसा समय से मिल रहा है। लेखक, निर्देशक अजय आनंद की फिल्म 'लंगड़ा राजकुमार' एमएक्स प्लेयर पर है। वह बताते हैं, 'मैंने एमएक्स प्लेयर से सीधा सौदा न करके एक एजेंसी के माध्यम से बात की। इस एजेंसी को एमएक्स प्लेयर से हर तीन महीने पर रकम मिलती रहती है और एजेंसी अपना कमीशन काटकर हमें पैसे देती रहती है।' एमएक्स प्लेयर से निर्माताओं को रकम न मिलने की शिकायत के बारे में ‘अमर उजाला’ ने ओटीटी प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया लेकिन वहां से इस बारे में अब तक कोई उत्तर नहीं मिला है।

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