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यह है 'मुल्क' की असली कहानी, ट्रेलर देखकर फिल्म देखने का मन हो तो जरूर जान लें ये बातें

Tue, 10 Jul 2018 08:28 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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ऋषि कपूर
निर्देशक अनुभव सिन्हा की 'मुल्क' क्या लखनऊ में मार्च 2017 में हुए सैफुल्ला एनकाउंटर से प्रेरित है आईएसआईएस के इस संदिग्ध आतंकी को यूपी एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने मार गिराया था। यह कहानी ऐसे पिता की है जिसके आतंकी बेटे के मारे जाने के बाद वह यह साबित करने की जंग लड़ता है कि बेटे की नापाक हरकत से परिवार को गलत न समझा जाए...
 
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मुल्क
फिल्म 'मुल्क' का टीजर आते ही चर्चा का विषय बन गया था और सोमवार को ट्रेलर भी रिलीज हो गया। ट्रेलर के बाद अटकलों का बाजार गर्म है कि क्या निर्देशक अनुभव सिन्हा की यह फिल्म 9 मार्च 2017 को लखनऊ में हुए आतंकी सैफुल्ला के एनकाउंटर और उसके बाद की घटनाओं से प्रेरित है पहले कुछ लोग मान रहे थे कि फिल्म की पृष्ठभूमि में 26/11 के मुंबई आतंकी हमले को लिया गया है। परंतु ट्रेलर के बाद जानकार कह रहे हैं कि फिल्म लखनऊ के एक रिहायशी इलाके में हुए सैफुल्ला एनकाउंटर की कहानी के तार लेकर रची गई है। 

 
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saifullah
सैफुल्ला कानपुर का रहने वाला था। इस घटना ने प्रदेश से निकल कर तब पूरे देश में सुर्खियां बटोरी जब आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी सैफुल्ला के पिता सरताज खान ने कहा था कि एक आतंकी मेरा बेटा नहीं हो सकता। सरताज और उनके परिवार ने सैफुल्ला का गोलियों से छलनी शव लेने से इंकार कर दिया था और पुलिस ने उसे लखनऊ में दफना दिया। सरताज के इस फैसले की पूरे देश और संसद में तक तारीफ हुई थी।

 

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saifullah encounter
यूपी एंटी-टैरेरिस्ट स्क्वाड के साथ सैफुल्ला की 12 घंटे मुठभेड़ चली थी और उसके छुपने के ठिकाने से पुलिस को आठ पिस्तौल, 630 कारतूस, डेढ़ लाख रुपये, तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, दो वायरलैस सेट और विदेशी मुद्रा मिली थी। वह आईएसआईएस से प्रेरित था और मध्य प्रदेश में एक रेल विस्फोट में भी उसका हाथ होने का संदेह था। सच्चाई सामने आने पर सरताज ने कहा था कि जो देश का ना हुआ वो मेरा क्या होगा। बाद में सैफुल्ला के नेटवर्क के अन्य लोग भी पकड़े गए थे और परिवार के कुछ लोगों को पुलिस के मुश्किल सवालात का सामना करना पड़ा था। समाज में भी कुछ लोग उनके विरुद्ध थे।

 
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mulk
जानकार कह रहे हैं कि अनुभव सिन्हा ने इसी विषय को फिल्म में संवेदनशील ढंग से उठाया है। वह सरताज के इस दुख और संघर्ष को लोगों के सामने लाएंगे कि उनका बेटा भले ही देशद्रोही रहा हो परंतु वह और उनके परिवार के बाकी लोग देशभक्त हैं। देश से गद्दारी से बेहतर वह अपनी जान देश पर कुर्बान करना पसंद करेंगे। अनुभव सिन्हा ने सरताज की इन्हीं भावनाओं और जद्दोजहद को ऋषि कपूर के माध्यम से पर्दे पर उतारा है। 

 
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mulk
ऋषि कपूर फिल्म में पेशे से वकील हैं जबकि प्रतीक बब्बर उनके बेटे की भूमिका निभा रहे हैं। जो सैफुल्ला से प्रेरित रोल में नजर आएंगे। फिल्म में भावुक उतार-चढ़ाव वाले दृश्य भी हैं जिसमें सरताज को उनके पड़ोसी पाकिस्तान और आतंकी ओसामा बिन लादेन का समर्थक बताने लगते हैं। उनके घर पर पत्थर फेंके जाते हैं। तब तापसी पन्नू के माध्यम से ऋषि कपूर अदालत में इस समाज के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं। सिन्हा के करीबियों का कहना है कि फिल्म में केवल एक पक्ष नहीं दिखाया गया है बल्कि इसमें बहस के दोनों पक्षों को न्याय के तराजू में तौला गया है।
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