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'हुई मैं मलंग’ गाकर अमर उजाला से बोलीं दिशा पाटनी, मैं अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हूं

Thu, 06 Feb 2020 09:40 AM IST
भावना शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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disha patani - फोटो : insatgram
कानपुर, बरेली, लखनऊ और नोएडा में पढ़ाई करने के बाद फिल्म 'एम. एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' से हिंदी सिनेमा जगत में कदम रखने वाली वाली दिशा पाटनी ने सिर्फ चार साल के अपने करियर में गजब की शोहरत हासिल की है। फिल्म मलंग में उनके रूप रंग की सोशल मीडिया पर खासी चर्चा हो रही है। 
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Aditya Roy Kapoor, Disha Patani - फोटो : amar ujala mumbai
फिल्म मलंग की सारा और दिशा पटानी में क्या कुछ समानताएं हैं?
मैं खुद को 'मलंग' की सारा के सबसे करीब पाती हूं। यह किरदार काफी आधुनिक है। हर चीज की आजादी देता है। खुलकर जिंदगी जीता है। इससे पहले के मेरे किरदार अब तक मुझसे काफी अलग रहे हैं। मैं आजाद हूं और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हूं।
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दिशा पाटनी - फोटो : Instagram
सोशल मीडिया पर लोग भला-बुरा (ट्रोलिंग) कहते हैं तो उसका क्या असर होता है आप पर?
लोग जब मुझे ट्रोल करते हैं तो मुझे उसका फर्क नहीं पड़ता है। मुझे पता ही नहीं होता कि जो मुझे ट्रोल कर रहे हैं वह कौन है, क्या करते हैं? कोई भला इंसान एक लड़की की प्रोफाइल में जाकर क्यों भला बुरा लिखेगा? मीम्स की बात अलग है, वह हास्य के लिए बनते हैं और हंसना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

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disha patani - फोटो : instagram
कॉलेज छोड़ने का दुख होता है?
मैं उत्तराखंड से हूं लेकिन मेरी पढ़ाई कानपुर और बरेली में हुई है। वहां से लखनऊ होते हुए मैं नोएडा पहुंची। वहां कॉलेज के दिनों में ही मैं मॉडलिंग करने लगी जिसके चक्कर में मेरी उपस्थिति कम होने लगी। कॉलेज से चेतावनी मिली कि कॉलेज या मॉडलिंग में से मुझे किसी एक को चुनना होगा। फिर, मैं सबकुछ छोड़कर मुंबई आ गई। आत्मनिर्भर होने का मुझे काफी गर्व होने लगा था तो ऐसा कुछ खास दुख नहीं हुआ।
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दिशा पाटनी - फोटो : सोशल मीडिया
मशहूर शख्सीयतों से उम्मीद की जाती है कि वह देश के हर मुद्दे पर अपनी राय रखें, आपका क्या मानना है?
भारत में लोकतंत्र है और यहां बोलने का हक है। जो बोलना चाहता है वह बोले और जो नहीं बोलना चाहता है वह मत बोले। किसी को जबरदस्ती बोलने के लिए मजबूर करना सही नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक निजी फैसला है। आप किसी को कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। मेरे पिता पुलिस में है और बहन फौज में है। मुझे बेवजह किसी मुद्दे पर बोलना सही नहीं लगता। 
 
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