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Feroz Khan: मुमताज को बोल्ड अवतार में दिखाने से लेकर रेखा से आइटम सॉन्ग करवाने तक, फिरोज खान ने ऐसे बनाया अपना नाम

Wed, 27 Apr 2022 12:33 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

दिवंगत अभिनेता फिरोज खान की आज 13वीं पुण्यतिथि है। अभिनेता का निधन 27 अप्रैल 2009 में अपने जन्म स्थान बेंगलुरु में हुआ था।
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फिरोज खान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फराह खान की 'ओम शांति ओम' के बाद अनीस बज्मी की 'वेलकम' 2007 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। इस फिल्म में अनिल कपूर, अक्षय कुमार, नाना पाटेकर, कटरीना कैफ, परेश रावल जैसे कई बड़े सितारे मौजूद थे, लेकिन अंडरवर्ल्ड डॉन आरडीएक्स का किरदार निभा रहे फिरोज खान ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया था। बता दें कि इस फिल्म में फिरोज खान आखिरी बार नजर आए थे।

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अभिनेता नहीं आइकॉन बनना चाहते थे फिरोज
25 सितंबर 1939 को अफगान पिता और ईरानी मां के यहां जन्मे जुल्फिकार अली शाह खान बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखना चाहते थे। लेकिन वह सिर्फ एक अभिनेता बनकर नहीं, बल्कि एक स्टाइल आइकॉन बनने की ख्वाहिश रखते थे। फिल्म इतिहासकार भावना सोमाया को दिए एक साक्षात्कार में, उन्होंने बताया था कि मैं क्लासिक हॉलीवुड पश्चिमी फिल्म से बेहद प्रभावित था और इसी ने मेरे फिल्म निर्माण को बेहतर बनाया था।

दीदी फिल्म से की थी शुरुआत
बता दें कि फिरोज खान ने 1959 में आई फिल्म 'दीदी' के साथ फिल्मी दुनिया में प्रवेश लिया, लेकिन कुछ वर्षों तक सहायक भूमिकाएं निभाते रहे। 1965 में आई फिल्म 'ऊंचे लोग' के बाद ही वह अधिक प्रसिद्ध हुए थे। इसके बाद उन्होंने जल्द ही एक अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में सफर (1970), अप्रध (1972), खोटे सिक्का (1974), धर्मात्मा (1975), कुर्बानी (1980), जनबाज़ (1986) और यलगार (1992) जैसी फिल्मों के साथ अपना नाम बनाया। 

ऐसा था फिरोज खान की फिल्मों का स्टाइल
द गॉडफादर से प्रेरित, 'धर्मात्मा' अफगानिस्तान में शूट की जाने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म थी और निर्माता, निर्देशक व स्टार के रूप में फिरोज खान के करियर में एक मील का पत्थर थी। खान की अधिकांश फिल्मों में महलनुमा घर, फैंसी विदेशी स्थान, घुड़सवारी, आकर्षक कारें और महिलाएं एक नियमित विशेषता थीं।
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बेहतर करने की कोशिश
'कुर्बानी' में ज़ीनत अमान, 'धर्मात्मा' में हेमा मालिनी हो, 'जनबाज़' में श्रीदेवी या 'जानशीन' में सेलिना जेटली हो, जेम्स बॉन्ड की तरह फिरोज का भी महिलाओं से स्पेशल बॉन्ड था। फिरोज खान अपनी फिल्मों को बेहतर बनाने के चक्कर में अक्सर ऐसा काम कर जाते थे, जो पहले किसी ने नहीं किया हो। बिकनी में मुमताज हो या रेखा का पहला आइटम नंबर, उन्होंने अपने समय की महिला अभिनेताओं और खुद को पर्दे पर बनाने के लिए वह सब किया था, जो पहले कभी नहीं देखा गया था।
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