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अमिताभ से पहले इस अभिनेता ने राजेश खन्ना के माथे पर डाली शिकन, जानिए 10 दमदार किरदारों की कहानियां

Mon, 27 Apr 2020 01:35 PM IST
Avinash Pal अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Feroz Khan - फोटो : Social Media
हिंदी सिनेमा के पहले काउब्वॉय यानी कि अभिनेता फिरोज खान को भारतीय सिनेमा में उनके स्टाइल के लिए जाना जाता है। जब इन्होंने हिंदी फिल्मों में कदम रखा, उसके बाद फिल्मों के अभिनेताओं की स्टाइल और अभिनेत्रियों के कपड़े पहनने का ढंग बदल गया। एक तरह से कहा जाए तो फिरोज खान ने हिंदी सिनेमा को मॉडर्न बना दिया। वह खुद तो इतने स्टाइलिश थे ही, अपने आसपास के सभी लोगों को भी वह स्टाइलिश बना दिया करते थे। अपने काम के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जीत चुके शानदार अभिनेता के आज हम कुछ बेहतरीन किरदारों के बारे में बताते हैं।
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आदमी और इंसान (1969) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : जय किशन
फिल्म : आदमी और इंसान (1969)

फिरोज खान का किरदार पहले राज कुमार को ऑफर किया गया था। लेकिन, फिल्म में कुछ ऐसे सीन थे जिन्हें करने में राज कुमार को आपत्ति थी। जैसे; फिल्म के मुख्य कलाकार धर्मेंद्र फिरोज खान के किरदार को चांटा लगाने वाले थे। फिल्म इंडस्ट्री में यह बात बहुत मशहूर है कि राज कुमार कभी ऐसी कोई फिल्म नहीं करते थे जिसमें उन्हें बेइज्जत किया गया हो। इसलिए उन्होंने इस फिल्म को करने से मना कर दिया। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में फिरोज खान धर्मेंद्र के दोस्त के किरदार में नजर आए। फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया।
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सफर (1970) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : शेखर कपूर
फिल्म : सफर (1970)

फिल्म में शेखर कपूर का किरदार निभाने के बाद फिरोज खान से राजेश खन्ना जलने लगे थे। दरअसल इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए जितनी तारीफ राजेश खन्ना की हुईं, उतनी ही तारीफें फिरोज खान ने भी बटोरीं। राजेश खन्ना 1970 में ही हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार बन चुके थे। उन्हें फिरोज खान से हालांकि कोई खतरा नहीं था। इसलिए फिर उन्होंने फिरोज खान को नजरअंदाज किया। फिरोज की पिछली फिल्म 'आदमी और इंसान' के बाद यह दूसरा मौका था जब फिरोज ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिल्म में फिरोज के साथ राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिकाओं में नजर आए।

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मेला (1971) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : शक्ति सिंह
फिल्म : मेला (1971)

फिल्म के निर्माता गफ्फार नाडियाडवाला इस फिल्म के लिए फिरोज खान की जगह प्राण को संजय खान का भाई बनाकर पेश करना चाहते थे। संजय खान को लगा के प्राण उनके भाई नहीं बल्कि फिल्म में पिता लगेंगे। तो उन्होंने गफ्फार को अपने सगे भाई फिरोज खान का नाम बताया। तब गफ्फार ने संजय से पूछा कि अगर वह फिल्म में फिरोज को लेते हैं तो क्या संजय मुफ्त में काम करेंगे? इस पर संजय ने जवाब दिया कि जो उनका बाजार भाव है वह उसी हिसाब से पैसे लेंगे। यह मजाक में था इसलिए गफ्फार ने संजय की बात मान ली। प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में फिरोज एक दबदबेदार खूंखार डाकू के किरदार में नजर आए। उनके साथ फिल्म में संजय खान और मुमताज ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं
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खोटे सिक्के (1974) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : दिलबर
फिल्म : खोटे सिक्के (1974)

फिरोज खान के अंदर स्टाइलिश दिखने का गुण कहां से आया? ये राज तो उन्हीं के साथ चला गया। हम तो सिर्फ इतना बता सकते हैं कि अपने स्टाइल मारने के अंदाज की वजह से वह स्कूल में भी कई बार दंडित हो चुके थे। उनकी फिल्में भी पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित होती थीं। उनकी ये फिल्म भी वर्ष 1960 में आई हॉलीवुड फिल्म 'द मैग्नीफिसेंट सेवेन' का मिक्स्चर थी। और उनका किरदार सर्गियो लियॉन के बनाए चरित्र 'मैन विद नो नेम' से प्रेरित था। कहा जाता है कि हिंदी सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' भी इसी फिल्म से प्रेरित है। फिरोज खान के साथ इस फिल्म में डैनी डेंजोंगपा, रंजीत, अजीत आदि कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
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धर्मात्मा (1975) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : रणवीर
फिल्म : धर्मात्मा (1975)

यह पहली भारतीय फिल्म है जिसकी शूटिंग अफगानिस्तान में हुई। फिरोज खान की यह फिल्म वर्ष 1972 में आई हॉलीवुड फिल्म 'द गॉडफादर' से प्रेरित है। इस थ्रिलर ड्रामा फिल्म को फिरोज खान ने खुद निर्देशित किया और खुद ही निर्मित भी किया है। फिल्म को सुपरहिट बनाने के लिए फिरोज मुख्य किरदार में उस समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना को लेना चाहते थे। लेकिन, ऐसा हो नहीं सकता और खुद उन्होंने ही इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई। फिरोज खान के साथ हेमा मालिनी, नजीर हुसैन, प्रेमनाथ, रेखा, फरीदा जलाल, रंजीत, डैनी डेंजोंगपा, मदन पुरी, जीवन और दारा सिंह जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए।
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नागिन (1976) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : राज
फिल्म : नागिन (1976)

राजकुमार कोहली के निर्देशन और निर्माण में बनी इस हॉरर फेंटेसी ड्रामा फिल्म में फिरोज खान कलाकारों की एक बड़ी टुकड़ी के साथ नजर आए। फिल्म में सुनील दत्त, रीना रॉय, जीतेंद्र, संजय खान, विनोद मेहरा, रेखा, योगिता बाली, मुमताज, कबीर बेदी और अनिल धवन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म में राज और उसके दोस्तों से गलती से एक नाग की हत्या हो जाती है। उस नाग की मौत का बदला लेने के लिए नागिन राज समेत उनके दोस्तों को एक एक करके मारना शुरू कर देती है।

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कुर्बानी (1980) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : राजेश कुमार
फिल्म : कुर्बानी (1980)

फिरोज खान की यह फिल्म भी उन कुछ फिल्मों में से एक रही जिसे उन्होंने खुद निर्देशित किया और उसका खुद ही निर्माण भी किया। इस सुपरहिट फिल्म में फिरोज खान, विनोद खन्ना, जीनत अमान, अमजद खान, शक्ति कपूर, अरुणा ईरानी, अमरीश पुरी और कादर खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। यह किस्सा बहुत मशहूर रहा कि फिरोज खान जीनत अमान के एक दोस्त की पार्टी में इंग्लैंड में नाजिया हसन से मिले थे। नाजिया के माता-पिता ने फिरोज खान से नाजिया का गाना सुनने की दरख्वास्त की। हालांकि, फिरोज सुनना नहीं चाहते थे। लेकिन, जब उन्होंने सुना तो वह बहुत प्रभावित हुए। बाद में उन्होंने नाजिया को इस फिल्म में गाने का मौका दिया।

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दयावान (1988) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : शंकर वाघमारे
फिल्म : दयावान (1988)

फिरोज खान के ही निर्माण और निर्देशन में बनी इस गैंगस्टर फिल्म में विनोद खन्ना मुख्य भूमिका में नजर आए। उनके साथ फिरोज खान, माधुरी दीक्षित और आदित्य पंचोली ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। इस फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चाएं विनोद खन्ना और माधुरी दीक्षित के बीच फिल्माए गए चुम्बन के दृश्यों से हुई। यह किस्सा भी बहुत चर्चा में रहा कि फिल्म के शुरुआत में फिरोज खान इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले थे। लेकिन, कुछ इंटिमेट दृश्यों की वजह से ही उन्होंने इस फिल्म में सहायक भूमिका को चुना।

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जानशीन (2003) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : सबा करीम शाह
फिल्म : जानशीन (2003)

इससे पहले फिरोज खान अपने बेटे फरदीन खान को वर्ष 1998 में फिल्म 'प्रेम अगन' से हिंदी सिनेमा में एंट्री दिला चुके थे। यह फिल्म भी उन्होंने फरदीन खान के लिए निर्देशित और निर्मित की। फिल्म में उन्होंने अपने बेटे को हीरो बनाया जबकि खुद वेलन बने। हालांकि उनके इस किरदार की भी बहुत चर्चाएं हुई और उन्हें विलेन के किरदार के लिए आईफा अवार्ड से सम्मानित भी किया गया। फिल्म की लड़ाई एक जमीन के टुकड़े के लिए रही जिसमें करीम खान की रूचि थी। हालांकि लकी कपूर (फरदीन खान) और उसके पिता विरेंद्र कपूर (हर्ष छाया) उसको बेचना नहीं चाहते थे। आगे की कहानी इसी की छीना झपटी में चलती है। फिल्म में सेलिना जेटली मुख्य भूमिका में हैं।
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वेलकम (2007) - फोटो : सोशल मीडिया
किरदार : आरडीएक्स/रणबीर धनराज जाका
फिल्म : वेलकम (2007)

फिरोज खान अपने पूरे फिल्मी करियर के दौरान लगभग 60 फिल्मों में ही नजर आए। उनके दुनिया छोड़ने से पहले उनकी यह आखरी फिल्म रही। यह गैंगस्टर कॉमेडी ड्रामा फिल्म थी जिसमें फिरोज खान ने सभी बड़े गैंगस्टर्स के गॉडफादर का किरदार निभाया है। फिरोज खान के लिए यह बहुत दुखद बात रही कि जिस दिन यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई, उस दिन फिरोज खान अस्पताल में अपने फेफड़े के कैंसर से जूझ रहे थे। अनीस बज्मी के निर्देशन में बनी इस फिल्म के आरडीएक्स के किरदार को अमर करने के बाद फिरोज खान ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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