फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफगानिस्तान में पहली बार शूटिंग करने वाले बॉलीवुड अभिनेता थे फिरोज खान, इस तरह बनाई अपनी पहचान

Fri, 25 Sep 2020 07:02 AM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
फिरोज खान - फोटो : file photo
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्माता-निर्देशक फिरोज खान को बॉलीवुड की ऐसी शख्सियत के तौर में याद किया जाता है जिन्होंने फिल्म निर्माण को विशेष शैली दी। उनका जन्म 25 सितंबर 1939 को बंगलूरू में हुआ था। उन्होंने बंगलूरू के बिशप काटन ब्वॉयज स्कूल और सेंट जर्मन ब्वॉयज हाई स्कूल से पढ़ाई की और मुंबई आकर अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाई। साल 1960 में फिल्म दीदी में उन्हें पहली बार अभिनय करने का मौका मिला। इस फिल्म में वह सह कलाकार थे। 
विज्ञापन

2 of 5
फिरोज खान - फोटो : twitter: @FilmHistoryPic
इसके बाद अगले पांच साल तक ज्यादातर फिल्मों में उन्हें सह कलाकार की भूमिकाएं ही मिलीं। वह साल 1962 में अंग्रेजी भाषा की फिल्म 'टार्जन गोज टू इंडिया' में नजर आए थे। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल मुख्य भूमिका में थीं। फिरोज खान द्वारा निर्मित फिल्मों पर नजर डालें तो उनकी फिल्में बड़े बजट की हुआ करती थीं। जिनमें बड़े आकर्षक और भव्य सेट, खूबसूरत लोकशन, दिल को छू लेने वाला गीत-संगीत और उम्दा तकनीक देखने को मिलती थी। अभिनेता के तौर पर भी फिरोज खान ने बालीवुड के नायक की परपंरागत छवि के विपरीत अपनी एक अलग और खास शैली गढ़ी जो आकर्षक और तड़क-भड़क वाली थी। उनकी काउब्वॉय वाली छवि दर्शकों के मन में हमेशा के लिए बस गई।
विज्ञापन

3 of 5
फिरोज खान - फोटो : twitter: @ShemarooEnt
साल 1965, फिरोज खान के फिल्मी करियर की लिए बेहद खास रहा। उन्हें फणी मजूमदार की फिल्म 'ऊंचे लोग' में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में फिरोज खान के साथ अशोक कुमार और राजकुमार सहित कई दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिका में थे लेकिन अपने शानदार अभिनय से वह दर्शकों में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे । उसी साल फिरोज खान की एक और फिल्म 'आरजू' भी रिलीज हुई। उस फिल्म को भी खूब पसंद किया गया। साल 1969 में आई फिरोज खान की फिल्म 'आदमी और इंसान'। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ सह कलाकार का पुरस्कार मिला था। 

4 of 5
फिरोज खान - फोटो : twitter: @ShemarooEnt
फिरोज खान अपने भाई संजय खान के साथ भी कुछ फिल्मों में नजर आए थे। जिनमें मेला, उपासना, नागिन सहित कई हिट फिल्में शामिल है। वर्ष 1972 में फिरोज खान ने फिल्म 'अपराध' से निर्माता-निर्देशक के तौर पर अपनी पारी की शुरुआत की। फिल्म निर्माता-निर्देशक के रूप में उन्होंने हिंदी फिल्मों को नई दिशा दी। फिल्म 'अपराध' भारत की पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें जर्मनी में कार रेस दिखाई गई थी। धर्मात्मा की शूटिंग के लिए वह अफगानिस्तान के खूबसरत लोकशनों पर गए। इससे पहले भारत की किसी भी फिल्म की वहां पर शूटिंग नहीं हुई थी। इसके बाद फिरोज खान ने दयावान, यलगार, कुर्बानी, जांबाज, प्रेम अगन और जानशीं सहित कुछ फिल्मों का निर्माण किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अनिल कपूर और नाना पाटेकर के साथ फिरोज खान - फोटो : file photo
अपने करियर की सबसे हिट फिल्म कुर्बानी से फिरोज खान ने पाकिस्तान की पॉप गायिका नाजिया हसन की संगीत करियर में शुरुआत करवाई। फिरोज खान उन चंद अभिनेताओं में एक थे जो अपनी ही शर्त पर फिल्म में काम किया करते थे। इस वजह से उन्होंने कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे। राजकपूर की सुपरहिट फिल्म 'संगम' में राजेंद्र कुमार और 'आदमी' फिल्म में मनोज कुमार का किरदार पहले उन्हें ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने दोनों ही फिल्मों में काम करने से मना कर दिया था। बालीवुड में लेडी किलर के नाम से मशहूर फिरोज खान ने चार दशक लंबे सिने करियर में करीब 60 फिल्मों में अभिनय किया था। उनकी आखिरी फिल्म साल 2007 में आई 'वेलकम' थी, जो उस साल की हिट फिल्म साबित हुई थी। 

पढ़ें: अनुराग कश्यप के समर्थन में आगे आईं पूर्व पत्नी कल्कि केकलां, कहा- 'आप महिलाओं की आजादी के लिए लड़ते आए हैं'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें