अतुल कुलकर्णी
अतुल कुलकर्णी को करियर के शुरुआती दौर में ही पहले फिल्म हे राम और फिर फिल्म चांदनी बार के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ये वो दौर था जब सोशल मीडिया का इतना हो हल्ला नहीं था। तो कही कामयाबी का सार्वजनिक उत्सव न मना पाने की कोई कसक तो नहीं रही है उनके मन में? “नहीं, इन सब बातों के बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं।” अतुल जवाब देते हुए कहते हैं, “मैं अतीत में जीने में यकीन नहीं रखता। मैं इस समय के क्षण में जीता हूं। मुझे अभी जो मेरे आस पास हो रहा है उसे जीने में आनंद आता है।”