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स्किन टोन को लेकर पोस्ट कर ट्रोल हुईं सुहाना खान, यूजर्स बोले- 'पहले शाहरुख से कहो गोरे होने की क्रीम का विज्ञापन बंद करें...'

Wed, 30 Sep 2020 09:49 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सुहाना खान, शाहरुख खान - फोटो : File Photo
शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान (Suhana Khan) ने अपने साथ हुए रंगभेद को लेकर दर्द बयां किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे लेकर लंबा पोस्ट लिखा है और कहा है कि बहुत जरूरी है कि रंगभेद के मुद्दे को खत्म किया जाना चाहिए। दरअसल सुहाना खान को लोग उनके रंग को लेकर ट्रोल करते रहे हैं। उन्हें भद्दे कमेंट्स लिखकर भेजते रहे हैं। ऐसे में सुहाना ने पोस्ट लिखकर ऐसे ट्रोलर्स को लताड़ा लेकिन अपने पिता की वजह से वह एक बार फिर यूजर्स के निशाने पर आ गईं हैं।
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सुहाना खान - फोटो : instagram
सुहाना खान के पिता और एक्टर शाहरुख खान गोरे होने की एक क्रीम का विज्ञापन करते हैं, इस विज्ञापन के माध्यम से लोगों से कहा जाता है कि अगर वह ये क्रीम इस्तेमाल करेंगे तो उनकी स्किन में निखार आएगा। इसी विज्ञापन का हवाला देकर यूजर्स अब सुहाना को ट्रोल कर रहे हैं। शाहरुख खान के अलावा ऋतिक रोशन, कार्तिक आर्यन भी इसी तरह की क्रीम का प्रमोशन करते हैं।
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suhana khan - फोटो : instagram
एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मैं सुहाना खान से सहमत हूं। स्किन टोन को लेकर जो बातें कहीं जाती हैं उसपर उन्होंने जो आवाज उठाई है, वह सही है। लेकिन मुझे लगता है कि इसे खत्म करने की शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी चाहिए। आप समाज को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती हैं, जब आपके पिता ही गोरे होने की क्रीम को सालों से प्रमोट कर रहे हैं।”

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suhana khan - फोटो : instagram
एक अन्य यूजर ने लिखा- पहले अपने पिता से कहो गोरे होने की क्रीम का प्रमोशन बंद कर दें। अजीब दोहरापन है, पिता क्रीम का प्रमोशन करता है और बेटी रंगभेद को लेकर पोस्ट कर रही है। आपके पिता ने कई सालों से काले लोगों का मजाक उड़ाया है।
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सुहाना खान - फोटो : instagram
दरअसल सुहाना ने कुछ तस्वीरों को साझा करते हुए कैप्शन में लिखा था, "इस समय कई चीजें चल रही हैं और यह ऐसा मुद्दा है, जिसको ठीक करना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है, यह उन सब लड़के और लड़कियों के बारे में हैं, जो बिना किसी बात के हीन भावना से ग्रस्त होते हुए बड़े हुए हैं। जब मैं 12 साल की थी, तब मुझे मेरी स्किन टोन की वजह से पूरी तरह वयस्क हो चुके पुरुषों और महिलाओं द्वारा बदसूरत कहा गया था।"

 
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