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Exclusive: अमर उजाला से खास मुलाकात में बोले सलमान खान, मैं दूसरों की गलतियां नहीं भूलता

Tue, 28 May 2019 06:45 AM IST
Mishra Mishra अक्षित त्यागी, अमर उजाला, मुंबई
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salman khan - फोटो : social media
53 साल के हो चुके सलमान खान पिछले 31 साल से हिंदी सिनेमा में काम कर रहे हैं। फिल्म निर्माता बनकर वह नए चेहरों को बड़े परदे पर मौका दे रहे हैं। बीईंग ह्यूमन नाम के एनजीओ के जरिए वह जरूरतमंदों की मदद करते हैं। हर सुबह बांद्रा में उनके घर के सामने मदद मांगने वालों का मेला लगता है। सलमान की अगली फिल्म भारत ईद पर रिलीज हो रही है। अमर उजाला संवाददाता की सलमान से एक खास मुलाकात।

एक था टाइगर और बजरंगी भाईजान में निभाए गए किरदारों से कितना अलग है फिल्म भारत में आपका किरदार? 
किरदार क्या यह फिल्म ही अलग है। इनमें सिर्फ एक ही चीज़ समान है और वह है हीरो। हमारे यहां बाहर की फिल्मों की तरह नहीं होता है। सुपरमैन और स्पाइडरमैन जैसी फिल्मों में कलाकार बदल जाते हैं,  निर्देशक बदल जाते हैं, फिल्म बनाने का तरीका बदल जाता है, लेकिन कहानी वही की वही रहती है। हमारे यहां अलग है। इस फिल्म में एक सफर दिखाया गया है। हिंदी फिल्मे अक्सर छोटे से समय को दर्शाती हैं पर इस फिल्म में काफी लंबा समय दिखाया गया है। एक किरदार का नौ साल की उम्र से 70 साल की उम्र तक का सफर है। इस किरदार में बहुत धैर्य है। वह इंतज़ार कर रहा है क्योंकि उसके पिता ने कहा था कि वह वापस ज़रूर आएंगे। 
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salman khan - फोटो : social media
सलमान खान के करोड़ों चाहने वालों को फिल्म भारत में क्या नया देखने को मिलेगा ? 
पहला तो मेरा लुक जो मेरे फैंस ने नहीं देखा है। वह जो हमारी उम्र के हैं उन्होंने देखा है, जैसा फिल्म मैने प्यार किया में था, बागी में था। वह लुक जो मेरी शुरूआती फिल्मों था वही लुक वापस लाने की कोशिश की है हमने। अभी का जो लुक है वह तो है ही। उसके बाद एक आने वाले कल का लुक भी देने की कोशिश की है जिसमे मैं एक बूढ़े के किरदार में हूं। यह छह दशकों की कहानी है।
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salman khan - फोटो : social media
निर्देशक अक्सर कहते हैं कि बड़े स्टार्स फिल्म बनाने में हस्तक्षेप करते हैं, क्या आप भी ऐसा करते हैं? 
हां मैं करता हूं ऐसा। जब भी मुझे लगता है कि कुछ गलत हो रहा है मैं वापस आकर बैठ जाता हूं क्योंकि कुछ भी होगा नाम तो मेरा ही जुड़ा है। फिर उनसे मैं विचार विमर्श करता हूं और उन्हें समझाता हूं कि हम गलत जा रहे हैं। इसे हस्तक्षेप करना नहीं कहते, इसे समझाना कहते हैं, दिशा देना कहते हैं। हां, अगर मेरी कोई गलती है तो सिर्फ मुझ पर ही इल्जाम लगेगा। लेकिन, किसी और की गलती है तो मैं उससे बैर कर लेता हूं। मेरे जेहन में वह बात हमेशा के लिए बस जाती है। मैं दूसरों की गलतियां भूलता नहीं हूं।

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Ali Abbas Zafar
आपकी और फिल्म भारत के निर्देशक अली अब्बास जफर की कितनी जमती है, फिल्म एक था टाइगर को कबीर खान ने निर्देशित किया लेकिन इसकी सीक्वेल टाइगर जिंदा है में वह आ गए, यह विचार किसका था?
मेरी और अली अब्बास जफर की खूब जमती है। कबीर खान उन दिनों यशराज फिल्म्स के लिए काम किया करते थे। फिर उन्होंने अपना अलग काम शुरू कर दिया। टाइगर की कहानी यशराज फिल्म्स की है, जब अली ने इसकी स्क्रिप्ट में दिलचस्पी जताई तो मुझे भी ये ठीक लगा और इस तरह टाइगर की सीक्वेल बनी।
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बॉलीवुड - फोटो : Twitter
दबंग सीरीज ने आपकी जिंदगी पर कितनी छाप छोड़ी है? 
सफल फिल्में आपकी ज़िंदगी पर काफी बड़ी छाप छोड़ जाती हैं, वहीं कई असफल फिल्मों का भी ज़िंदगी पर बड़ा असर पड़ता है। पर जब बहुत ज्यादा सफलता मिल जाती है तो कभी कभी कलाकार का दिमाग खराब भी हो जाता है। कलाकार को सफलता के साथ जमीन से भी जुड़ा रहना चाहिए तभी उस पर सफलता का सकारात्मक असर पड़ता है। सफलता के साथ असफलता को भी ध्यान में रखना चाहिए नहीं तो आप सठिया जाते हैं। आपका हर तरह का काम अपनी निजी और व्यावसायिक ज़िंदगी दोनों पर असर करता है। सफलता का सही उपयोग करना चाहिए, तभी आप अपनी ज़िंदगी में खुश और अपने परिवार को खुश रख पाएंगे।  
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Notebook - फोटो : social media
फिल्म नोटबुक बेहतरीन फिल्म थी। क्या लगता है आपको वह बॉक्स ऑफिस पर क्यों नहीं अच्छा बिजनेस कर पाई?
आज किसी को भी सिनेमा जगत में लॉन्च करना आसान नहीं है। नोटबुक एक ऐसी फिल्म है जिसपर मैं गर्व कर सकता हूं। लोगों को यह तब पता चलेगा जब इसे वह आराम से अपने टीवी पर मुफ्त में देखेंगे। किसी नए स्टार के लिए लोग 400-450 रुपये नहीं खर्च करना चाहते। दर्शक भी मेहनत करके पैसा कमाते हैं। जब भी मैं किसी न्यूकमर को लॉन्च करता हूं तो उन्हें हमेशा कहता हूं कि फिल्म में एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, ड्रामा और इमोशन सब होना चाहिए। जैसे मैने सूरज पंचोली की फिल्म हीरो में किया था। टाइगर की फिल्म ने 50 करोड़ रुपये कमाए थे और मेरी फिल्म हीरो ने 48 करोड़ रुपये पर उस बेचारे को लेकर इतना कुछ बुरा कहा गया कि सभी लोग उसे फ्लॉप मानने लगे। लव यात्री के गाने खूब पसंद किए गए, कई लोगों को फिल्म भी काफी पसंद आई। आजकल के कलाकार एक्शन फिल्म अपने दम पर नहीं चला पाते इसीलिए मैंने एक्शन फिल्म नहीं बनाई। 
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salman khan with shera - फोटो : social media
आज का समय अच्छे अभिनेताओं का समय है। कहते हैं कि स्टार पावर खत्म हो रहा, आपका इस पर क्या कहना है? 
स्टार पावर हर एक्टर का कम होता रहता है। लेकिन फिर दूसरे स्टार्स आ जाते हैं, तो स्टार पावर कहीं कम नहीं हो रहा,, वह हमेशा कायम रहेगा। एक हारेगा तो दूसरा जीतेगा। आज कोई और स्टार है तो कल कोई और होगा, पर स्टार पावर कहीं नहीं जाएगा।

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