Tushar Hiranandani
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आप खुद लेखक हैं तो आपने सांड की आंख की कहानी क्यों नहीं लिखी?
मैंने उत्तर प्रदेश की इन दो दादियां की कहानी पर पांच साल पहले काम शुरू किया था,। फिर मैं जाने माने लेखक संजय मासूम से मिला जिन्होंने मुझे बल्ली से मिलवाया और दादियों से भी। फिर हम जौहरी गांव आए। सही बताऊं तो मुझे खुदपर यकीन नहीं था कि यह कहानी मैं लिख पाऊंगा या नहीं। फिर मेरी मुलाकात जगदीप से हुई जिन्होंने फिल्म के संवाद लिखे हैं। आज सभी इन संवाद की तारीफ कर रहे हैं।