भारत ने हमेशा ही विज्ञान के आविष्कार के खुले मन से स्वागत किया है। लुमियर बद्रर्स के बाद भारत में भी धीरे- धीरे सिनेमा बढ़ता चला गया। तंबुओं से शुरू हुआ सिनेमा धीरे- धीरे महलों तक भी पहुंच गया और प्रमुख शहरों में सिनेमाघरों का निर्माण भी शुरू हो गया। संग्रहालय के पहले हिस्से ने ही हमें इतना मनमोहित कर दिया कि महल का हर एक कोना सिनेमा के एक अध्याय के रूप में नजर आने लगा।
फिलहाल इस स्पेशल रिपोर्ट के पहले एपिसोड में इतना ही, जल्दी ही आपके सामने पेश होगा भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय का दूसरा एपिसोड।