65वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में शामिल रहे सदस्य बताते हैं कि इन पुरस्कारो के लिए प्रविष्टियां आमतौर पर नवंबर, दिसंबर महीने में आमंत्रित की जाती हैं और इन पुरस्कारों के विजेताओं के लिए जूरी का गठन भी इसी दरम्यान हो जाता है। प्राप्त प्रविष्टियों में से योग्य प्रविष्टियां छांटने के बाद इनके अवलोकन का काम शुरू होता है और जनवरी, फरवरी में जूरी करीब करीब ये काम पूरा कर लेती है। साल के मध्य तक इन पुरस्कारों की घोषणा कर दी जाती है, जिसके कुछ ही दिनों बाद भारत के राष्ट्रपति ये पुरस्कार वितरित करते हैं। लेकिन, इस बार अब तक साल 2021 में रिलीज हुई फिल्मों के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की प्रविष्टियां ही आमंत्रित नहीं की गई हैं।