इमरान हाशमी की पहली होम प्रोडक्श फिल्म 'कैप्टन नवाब' घोषणा के करीब तीन साल बाद भी अटकी हुई है। उनका करियर पहले ही पिछले छह से फ्लॉप हो रही फिल्मों के बाद ढलान पर है, ऐसे में उनकी इस फिल्म का बनना लोगों को और भी कठिन नजर आ रहा है।
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Emraan Hashmi
सूत्रों के मुताबिक इमरान की इस फिल्म के लिए यह जून किसी परीक्षा की तरह है क्योंकि इसी महीने फिल्म का फैसला हो जाएगा। सूत्र बताते हैं कि फिल्म अटकने की दो मुख्य वजहें हैं। एक तो इसकी कहानी को अभी तक देश के रक्षा मंत्रालय द्वारा हरी झंडी नहीं मिला और दूसरा फिल्म का बजट।
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इमरान हाशमी
सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने फिल्म को अपने क्षेत्रों में शूटिंग की अनुमति नहीं दी है क्योंकि इसकी कहानी ऐसे व्यक्ति/सैनिक की है जो भारत-पाकिस्तान दोनों के लिए पहचान बदल कर फौजों में काम करता है। फिल्म भारत-पाकिस्तान रिश्तों पर भी बात करती है, जो फिलहाल बेहद तनावपूर्ण हैं। खुद इमरान कैप्टन नवाब का रोल प्ले कर रहे हैं। फिल्म का एक शेड्यूल हो चुका है लेकिन उसके बाद फौजी इलाकों में निर्माता-निर्देशक को शूटिंग की इजाजत नहीं मिली। जब तक मंत्रालय से इजाजत नहीं मिलती, इसकी शूटिंग सैन्य इलाकों में हो पाएगी।
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मीडिया में आई खबरों में पहले कहा गया था कि अप्रैल में मंत्रालय फैसला ले लेगा मगर ऐसा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने डायरेक्टर टोनी डिसूजा को जून के मध्य में बातचीत के लिए बुलाया है। लेकिन जानकारों का मानना है कि कैप्टन नवाब के लिए सिर्फ सेना की मंजूरी से काम नहीं चलेगा क्योंकि इसका बजट 25 करोड़ रुपये है। जो इमरान की आज की फ्लॉप स्थिति को देखते हुए बॉक्स ऑफिस से वापस निकाल पाना संभव नहीं है।
आंकड़े बताते हैं कि 2012 में राज-3 के बाद से इमरान की लगातार दस फिल्में फ्लॉप या सुपरफ्लॉप रही हैं। ये फिल्में अपने बॉक्स ऑफिस और डिजिटिल तथा सैटेलाइट अधिकारों के बावजूद 30 करोड़ नहीं बना पाईं। ऐसे में इमरान को निवेशकों के इस सवाल का जवाब देने में कठिनाई आ रही है कि 25 करोड़ की लागत को वह वापस कैसे लाएंगे।