दिव्या दत्ता
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जब रिश्तेदारों से झगड़कर मां ने दिव्या के सपनों को दी उड़ान
दिव्या दत्ता ने कब तय किया कि वह अभिनय में आगे बढ़ने के लिए मायानगरी मुंबई आएंगी? इस पर दिव्या दत्ता कहती हैं, ‘मुझे खाली समय में फिल्मी मैगजीन पढ़ना पसंद था, एक बार स्टारडस्ट में एक फॉर्म निकला था, एक टैलेंट हंट कॉम्पिटिशन था। मैंने वो फॉर्म भर दिया और भूल गईं। लेकिन वो फॉर्म स्वीकार हो गया। इसके बाद मां को बताना पड़ा कि मुझे एक्ट्रेस बनना है और मुंबई जाना है। मां डॉक्टर थीं, मेरे परिवार में अधिकतर लोग डॉक्टर थे लेकिन मां ने मेरी एक्टिंग के सपने को सपोर्ट किया। वैसे कई रिश्तेदार आ गए थे घर पर, कोई नहीं चाहता था कि मैं एक्टिंग की दुनिया में जाऊं। लेकिन मां ढाल बनकर आगे खड़ी रहीं और बोलीं कि जो कुछ होगा, उसकी जिम्मेदारी वह लेंगी।’ इस तरह मायानगरी मुंबई आने की राह दिव्या दत्ता के लिए खुली।
दिव्या आगे कहती हैं, ‘कॉम्पिटिशन में मुझे कई दिग्गज फिल्ममेकर्स ने जज किया, कुछ ने फिल्मों में काम देने का वादा किया, किसी ने साइनिंग अमाउंट तक दिया। मां ने मुझे सीख दी थी कि जब भी किसी से मिलाे तो मिठाई लेकर जाओ। मैं ऐसा ही करती थी। कई लोगों की नजर में मैं एक प्यारी सी लड़की थी। लेकिन रिजेक्शन मुझे भी देखना पड़ा। एक बार तो फिल्म के सेट पर पहुंचकर फिल्म से बाहर किया गया। ऐसा अधिकतर कलाकारों के साथ होता है।’