दिलजीत दोसांझ
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बचपन से मशहूर होना और पैसा कमाना चाहते थे
एक इंटरव्यू में दिलजीत बताते हैं कि वो बचपन से ही पैसा कमाना चाहते थे। उनका मानना था कि पैसा ही सबकुछ होता है। क्योंकि बचपन में उनकी मां उनसे कहती थीं कि बेटा पढ़ाई-लिखाई कर लो, ताकि पैसे कमा सको। ऐसे हमारी जिंदगी नहीं चल सकती। हालांकि, वो शुरू से ही संगीत में रुचि होने के चलते ज्यादा पढ़ाई नहीं कर सके। दिलजीत पिता के मुकाबले अपनी मां के ज्यादा करीब हैं।
11 साल में मर्जी के खिलाफ छोड़ दिया घर
जब दिलजीत 11 साल के थे तब उनके माता-पिता ने उन्हें लुधियाना में उनके मामा के पास भेज दिया था। हालांकि, दिलजीत नहीं जाना चाहते थे, लेकिन माता-पिता ने जबरदस्ती उन्हें भेज दिया। इससे वो कई साल तक माता-पिता से नाराज रहे और उनसे बात भी नहीं की। इसके चलते उनका अपने पेरेंट्स से कनेक्शन भी टूट गया था। हालांकि, बाद में सब सही हो गया।
लड़की के चक्कर में घर से भागे
एक इंटरव्यू में दिलजीत ने बताया था कि एक बार उन्हें 8-9 साल की उम्र में स्कूल में एक लड़की पसंद आई थी। दोस्त के कहने पर जब उन्होंने उस लड़की को ये बात बताई, तो उसने टीचर से शिकायत कर दी। इसके बाद टीचर ने जब उन्हें अपने मम्मी-पापा को बुलाकर लाने को कहा तो दिलजीत इतना घबरा गए कि उन्होंने घर से भागने की सोची। वो साइकिल उठाकर और कुछ केले खाने के लिए अपने साथ लेकर चल दिए। लेकिन गांव से थोड़ी दूर जाने पर ही उन्हें गांव के लोग मिल गए, जिन्होंने डांटकर उन्हें वापस भेज दिया।