मुगल-ए-आजम
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तीन भाषाओं में बनाई गई थी मुगल-ए-आजम
'मुगल-ए-आजम' हिंदी सिनेमा के लिए एर ऐतिहासिक फिल्म साबित हुई थी। इस फिल्न को तीन भाषाओं में बनाया गया था, हिंदी, इंग्लिश और तमिल। इस फिल्म को भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, इटली, जापान, अमेरिका, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया में भी अलग-अलग भाषाओं में रिलीज किया गया था। तमिल भाषा में फिल्म 'मुगल-ए-आजम' फ्लॉप हो गई, तो वहीं इंग्लिश वाली का हाल भी बहुत बुरा हुआ था। हालांकि हिंदी में फिल्म छा गई और सुपरहिट साबित हुई। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सरताज बनी, लेकिन अफसोस की बात रही कि इस फिल्म बनाने के पीछे अपना सबकुछ दांव पर लगाने वाले करीमुद्दीन आसिफ इसकी सफलता देखने से पहले ही इस दुनिया से रुखसत हो गए थे।