ध्वनि भानुशाली
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ऐसा कहा जाता है कि महिलाओं और पुरुषों की सामाजिक बराबरी की शुरूआत आर्थिक पक्ष से होती है, आपका क्या मानना है इस बारे में?
कोई भी महिला चाहे किसी भी स्थिति में हो। चाहे वह नौकरी करे या न करे, चाहे वह कमाई करे या न करे। उसे बराबरी का दर्जा मिलना ही चाहिए। महिलाओं के काम अक्सर गिने नहीं जाते। मेरी मां ने मेरे पिता से शादी की। वह हाउसवाइफ हैं, लेकिन उनका मुझे पालने पोसने में जो योगदान है, उसकी गणना नहीं होती। ये काम अनमोल है। अगर कोई ऐसा सोचता है कि औरत जब तक काम न करे और पैसे न कमाए तो वह बराबरी की बात नहीं कर सकती। तो, मेरे हिसाब से यह बहुत गलत सोच है।