Dharmendra
धर्मेंद्र बताते हैं, 'आशा जी की हर फिल्म सुपरहिट होती थी इसलिए मैं उन्हें जुबली पारेख कहकर पुकारता था । हमें साल 1966 में फिल्म 'आए दिन बहार के' में साथ काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के लिए हम दार्जीलिंग में शूटिंग कर रहे थे । पैकअप के बाद प्रोड्यूसर्स और क्रू मेंबर मिलकर देर रात तक पार्टी करते थे ।'