कंगना रणौत
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कंगना रणौत ने कहा- तमिल, हिंदी भाषा से भी पुरानी है। भारत में अलग-अलग जाति, प्रांत और भाषा के लोग हैं। उन्हें एक डोरी में बांधने के लिए कोई एक कड़ी चाहिए और इसलिए संविधान में हिन्दी को राष्ट्रभाषा बताया गया है और संस्कृत हर भाषा की जननी है। तमिल, कन्नड़, गुजराती और हिंदी भी संस्कृत भाषा से ही आए हैं। जिस तरीके से दक्षिण के लोग अपनी भाषा और संस्कृति का सम्मान करते हैं वैसे मैं भी पहाड़ी हूं और मुझे इस बात पर गर्व है।